5 May 2026

धामी सरकार का गौवंश हत्यारों पर कड़ा प्रहार, अब तक 14 पर गैंगस्टर

0
IMG-20250906-WA0033

देहरादून

सनातन के एजेंडे पर चल रही पुष्कर सिंह धामी सरकार ने देवभूमि में गौ हत्याओं को रोकने के लिए जो कड़ा कानून बनाया है उसके परिणाम सामने आए है। जानकारी के मुताबिक धामी सरकार के कार्यकाल में अब तक 14 गौ हत्यारों, तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कारवाई की गई है।

उल्लेखनीय है कि यूपी में बीजेपी सरकार द्वारा गौमांस की बिक्री पर सख्ती किए जाने के बाद ऐसी सूचनाएं मिल रही थी कि गौवंश हत्यारे और तस्कर उत्तराखंड के मैदानी जिलों में चोरी छिपे अपना कारोबार कर सकते है। उसी के बाद राज्य की धामी सरकार ने गौ संरक्षण कानून की धाराओं को सख्त किया जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे है।

पुलिस द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार उधम सिंह नगर, हरिद्वार में सबसे ज्यादा गौकशी करने वाले अपराधियों पर सख्ती की गई है, देहरादून जिले में भी पछुवा क्षेत्र में पुलिस की सख्ती से गौवंश हत्याओं पर रोक लगी हैं। इन तीन जिलों में 25 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट पुलिस ने खोल दी है। इनमें जिसके खिलाफ भी मुकदमों की संख्या बढ़ती है उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा लगाई गई है। गौवंश तस्करी और गौहत्या कर उसके मांस की बिक्री एक गिरोह के माध्यम से ही संभव है इसलिए पुलिस ने गिरोहबंदी एक्ट को इन अभियुक्तों पर प्रभावी किया है। पिछले तीन सालों में गौ संरक्षण अधिनियम के तहत हरिद्वार में 366, उधम सिंह नगर में 108 देहरादून में 41 मुकदमे पुलिस ने दर्ज किए है। इनमें 1588 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है।

ये भी पढ़ें:   बंगाल, असम की चुनावी जीत में प्रभावी रहा ‘उत्तराखंड मॉडल’ 

पुलिस प्रशासन के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार हरिद्वार में 9 ,देहरादून में 01, उधम सिंह नगर जिले में 4 अभियुक्तों को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किया गया है।

धामी सरकार के पिछले तीन साल के कार्यकाल में हरिद्वार में 11,देहरादून में 07,उधम सिंह नगर में 05 मुठभेड़ की घटनाएं पुलिस और गौवंश तस्करों हत्यारों के साथ हुई है। इन 23 घटनाओं में गौवंश मांस तस्करी में लिप्त अभियुक्तों के घुटनों के नीचे गोली लगी है। ऐसा पहली बार हुआ है जब उत्तराखंड की किसी राज्य सरकार ने गौहत्या करने वालों के खिलाफ ऐसा सख्त रवैया अपनाया है।

ये भी पढ़ें:   पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम 2026: बंगाल में 'कमल' का उदय, 15 साल बाद तृणमूल के 'किले' में सेंध

गौवंश हत्याओं में लिप्त इन अभियुक्तों के पास से अवैध असलहे, गौकशी में इस्तेमाल किए जाने वाले धारदार हथियार और वाहन और कई कुंतल गौवंश मांस भी पुलिस ने जब्त किया है।

ये बात भी देखने में आई है कि धामी सरकार की ऐसी सख्ती के बावजूद गौवंश की हत्या कर कारोबार करने वाले अपने घिनौने कृत्यों से बाज नहीं आ रहे और अलग अलग नए नए तरीके ईजाद करके इस अवैध कारोबार को करने में लगे है।

हरिद्वार जिले में तीन दिन पूर्व की घटना में मुस्लिम महिलाओं द्वारा गौकशी और मांस तस्करी की घटना को अंजाम दिया गया जिसे देख पुलिस प्रशासन भी हैरान हुआ है। गौ मांस के हत्यारे तस्कर नए मॉडल के वाहन, वैन आदि का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा भी देते रहे है।

ये भी पढ़ें:   कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बदलने के नाम पर कांग्रेसी नेताओं से ही ठग लिए लाखों, अब पुलिस ने पकड़ा

बरहाल पुलिस गौवंश के संरक्षण के लिए अब पहले से सख्त दिखाई देती है।

 

गौवंश संरक्षण हमारी प्राथमिकता: धामी

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्पष्ट रूप से कहते रहे है कि गौ सरंक्षण हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। उत्तराखंड देवभूमि है यहां गौवंश हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ये घृणित पाप करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त गौ सरंक्षण कानून बनाया है। यूपी से लगते हमारे जिलों की पुलिस को ऐसी वारदातों पर कड़ी नजर और सख़्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है और उसके अच्छे परिणाम भी देखने में आए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed