20 July 2024

मनीष खंडूरी की होगी बीजेपी में एंट्री, और मिलेगा लोकसभा टिकट?

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पिछले कुछ दिनों में एक के बाद एक कई कांग्रेस के नेता बीजेपी का दामन थामते चले आ रहे हैं। और आज कांग्रेस के युवा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के बेटे ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दी। वहीं कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से जैसे ही उन्होंने त्यागपत्र दिया उसके बाद सवाल उठने लगा है कि क्या मनीष खंडूरी भाजपा को ज्वाइन करेंगे और जॉइनिंग के साथ ही वह लोकसभा का चुनाव भी लड़ेंगे!

 

लोकसभा का चुनाव मनीष खंडूरी क्यों लड़ सकते हैं इसकी कई वजह हैं। साथ ही बीजेपी उन्हें क्या टिकट दे सकती है इसके भी कई कारण हैं।

 

2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से मनीष खंडूरी चुनाव लड़े थे, उस चुनाव में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने उन्हें हरा दिया था। उसके बाद मनीष खंडूरी को लेकर यह भी चलने लगा था कि वह 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट से ही चुनाव भी लड़ सकते हैं। राहुल गांधी के खास और पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे होने के कारण अगर कांग्रेस उस समय विधानसभा चुनाव जीतती है तो वो मुख्यमंत्री के दावेदार भी हो सकते थे। लेकिन ऐसा कुछ नही हुआ, न मनीष खंडूरी चुनाव लड़े न कांग्रेस को बहुमत मिला।

 

वहीं इस बार के लोकसभा चुनाव में भी गढ़वाल लोकसभा सीट से मनीष खंडूरी को कांग्रेस का प्रत्याशी माना जा रहा था। भले ही अन्य लोकसभा सीटों में कांग्रेस का दावेदार कौन होगा यह किसी को नही पता पर गढ़वाल लोकसभा सीट से मनीष खंडूरी को तो कांग्रेस का प्रत्याशी माना ही जा रहा था। खुद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गढ़वाल लोकसभा सीट से तैयारी सिर्फ इस लिए नही की क्योंकि वो भी इस बात को मान रहे थे की गढ़वाल सीट से तो मनीष खंडूरी ही कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे।

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वहीं मनीष खंडूरी ने आज कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया। भले ही अभी उन्होंने बीजेपी ज्वाइन नही की पर माना जा रहा है कुछ दिनों में वो बीजेपी ज्वाइन कर लेंगे। उनकी ज्वाइनिंग में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष , सीएम धामी और बीजेपी के तमाम बड़े नेता मौजूद रहेंगे।

 

अब जो सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है वो है की क्या मनीष खंडूरी बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। ये कयास इस लिए भी लग रहे हैं क्योंकि उनकी कांग्रेस को छोड़ने की टाइमिंग ही ऐसी है। जब कांग्रेस अपने टिकट कभी भी फाइनल कर सकती है, और मनीष खंडूरी का गढ़वाल लोकसभा सीट से कांग्रेस का प्रत्याशी बनाना लगभग तय है। तो मनीष खंडूरी ने ऐसे समय में कांग्रेस क्यों छोड़ी।

तो क्या मनीष खंडूरी बीजेपी के टिकट में चुनाव लड़ने जा रहे हैं?

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बीजेपी मनीष खंडूरी को टिकट दे सकती है। मनीष खंडूरी प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं और वो भी बीसी खंडूरी के जिन्हे प्रदेश का सबसे ईमानदार मुख्यमंत्री आज भी माना जाता है। बीसी खंडूरी की आज भी उत्तराखंड में एक बहुत अच्छी छवि है। और इसका सीधा फायदा मनीष खंडूरी को हो सकता है।

अब सवाल ये भी खड़ा होता है की जब पूर्व में वो चुनाव लड़े थे तब पिताजी की ईमानदारी का फायदा क्यों नही मिला। उस समय खुद गढ़वाल सीट के वोटर यह कहते नजर आ रहे थे की की मनीष खंडूरी अगर बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ते तो हम उन्हे जीता देते। वजह थी पीएम मोदी की लोकप्रियता।

अब एक सवाल ये भी खड़ा होता है की अगर बीजेपी मनीष खंडूरी को टिकट देती है तो गढ़वाल और हरिद्वार लोकसभा सीट में से मनीष खंडूरी को बीजेपी कहां का टिकट देगी।

जब गढ़वाल लोकसभा सीट की तरफ देखते हैं तो मनीष खंडूरी के लिए यह सीट मुफीद लगती है। वजह, आखरी चुनाव खंडूरी वहीं से लड़े थे, भले ही चुनाव हार गए पर 5 साल तक वो वहीं रहे। आम लोगों से मिलते रहे। साथ ही पिता का नाम भी उनके साथ जुड़ा है बहन विधानसभा अध्यक्ष है तो वहां की जनता उन्हें अच्छी तरह से जानती हैं। बीजेपी कार्यकर्ता भी मनीष से खुद को जुड़ा हुआ महसूस जरूर करेंगे।

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पर पेंच जहां फंसता है वो है ब्राह्मण चेहरा।

फिलहाल में बीजेपी ने गढ़वाल से राज्यसभा के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को भेजा है। भट्ट ब्राह्मण चेहरा हैं ऐसे में अगर बीजेपी जातीय समीकरण को देखती है तो गढ़वाल सीट में राजपूत समाज से प्रत्याशी बीजेपी के लिए जरूरी हो जाता है। ऐसे में मनीष खंडूरी को हरिद्वार लोकसभा सीट से टिकट दिया जा सकता है।

हरिद्वार लोकसभा सीट में बीजेपी की गणित साफ नजर नही आ रही है। मौजूदा सांसद निशंक अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। पर वहां से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को मजबूत कैंडिडेट माना जा रहा है। सीएम रहते त्रिवेंद्र ने डोईवाला विधानसभा में काफी काम किया था उसका फायदा उन्हें मिल सकता है। लेकिन कुंभ के दौरान संत समाज उनसे नाराज था अब नाराजगी अभी तक है या नही ये किसी को पता नही। अब अगर बीजेपी जातीय समीकरण को देखती है तो त्रिवेंद्र सिंह रावत गढ़वाल लोकसभा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी हो सकते हैं और मनीष खंडूरी को हरिद्वार से चुनाव लड़ाया जा सकता है।

मनीष खंडूरी एक बेदाग छवि के नेता हैं। साथ ही बीजेपी अगर उन्हें टिकट देती है तो हरिद्वार लोकसभा सीट में बीजेपी के बड़े नेताओं के बीच में जो घमासान चल रहा है उसे भी कुछ हद तक रोक सकती है।

 

 

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