18 June 2026

फायर सीजन को लेकर वन विभाग कितना तैयार? इस बार एक MOU से बचेंगे उत्तराखंड के जंगल आग से

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देशभर में धीरे-धीरे ठंड कम होती जा रही है और उसके साथ ही गर्मियां बढ़ रही है। वही उत्तराखंड में गर्मियां अपने साथ एक बहुत बड़ी परेशानी लेकर आती है, जो परेशानी है उत्तराखंड के जंगलों में लगने वाली आग। हर साल देखा जाता है कि आग की वजह से कई सौ हेक्टेयर जमीन जल जाती है, इसकी वजह से न सिर्फ वन संपदा को भारी नुकसान होता है साथ ही जंगली जानवर भी आंख से जलकर मर जाते हैं।

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वहीं इस साल फायर सीजन 15 फरवरी से ही शुरू हो गया है और फायर सीजन को देखते हुए वन विभाग अपनी तैयारी को और ज्यादा पुख्ता कर रहा है। ताकि पिछले साल की तुलना में इस साल कम से कम वन संपदा को नुकसान हो।

वन विभाग इस साल फायर सीजन को लेकर क्या कुछ तैयारी कर रहा है साथ ही किस तरह से वह आने वाले दिनों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं इसकी जानकारी अपर प्रमुख वन संरक्षक, वनाग्नि एवं आपदा प्रबन्धन, उत्तराखण्ड निशांत वर्मा(भा०व०से०) ने दी। उन्होंने बताया कि वन विभाग में एक एमओयू साइन किया है उस mou के तहत हमें मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ही फायर डेंजर रेंज भी हमें प्राप्त हो सकेंगे जिससे यह जानकारी प्राप्त होगी कि आने वाले दिनों में किन स्थानों में आग लगने की संभावना हो सकती है।

हर साल देखा जाता है कि वन विभाग स्थानीय लोगों को अग्नि से संबंधित जानकारी देता है। इसके साथ ही उन क्षेत्रों के ग्रामीणों से जो की वन क्षेत्र के नजदीक रहते हैं उनसे बातचीत भी करता है, और उनकी मदद भी लेता है। और इसी को लेकर निशांत वर्मा ने बताया कि इस बार भी हमने ग्रामीणों से बातचीत की है साथ ही उन्हें संबंधित जानकारी भी दी है।

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