25 January 2026

आपदा प्रभावित हमारे अपने, उनके साथ मजबूती से खड़ी है सरकारः सीएम

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देहरादून।

 

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर हर्षिल घाटी में संचालित राहत और बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को निर्देश दिए कि पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों को बांटी जाए। उन्होंने कहा कि राहत राशि वितरण में बिल्कुल भी विलंब न किया जाए। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भीषण आपदा में जो भी लोग प्रभावित हुए हैं, वे सब हमारे अपने हैं और पूरी सरकार हर प्रकार के सहयोग के साथ उनके संग मजबूती से खड़ी है।

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धराली तथा हर्षिल घाटी के अन्य स्थानों में विपरीत परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य हमारे लिए एक चुनौती हैं, लेकिन आपदा प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द इस मुश्किल घड़ी से बाहर निकालने के लिए सभी को मिलकर इस चुनौती को स्वीकार न होगा। उन्होंने कहा कि हमने केदारनाथ की आपदा, रैणी की आपदा, जोशीमठ की आपदा तथा सिलक्यारा की आपदा को करीब से देखा है। इन सभी आपदाओं ने हमारी क्षमताओं की, हमारे धैर्य की, हमारी संवेदनाओं की परीक्षा ली है और मुझे यह कहते हुए गर्व होता है कि हमने इन आपदाओं का सामना डटकर किया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह हम धराली की आपदा का सामना भी पूरी मजबूती के साथ करेंगे और हर्षिल घाटी के लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर अग्रसर करेंगे।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस दैवीय आपदा में जो लोग बेघर हो गए हैं, उनके रहने तथा भोजन की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में भी सभी प्रकार की मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। उन्होंने हर्षिल घाटी में खाद्यान्न के साथ ही पेट्रोल, डीजल तथा रसोई गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर्षिल, धराली के साथ ही आसपास के गांवों में जीवन यापन के लिए आवश्यक वस्तुओं की बिल्कुल भी कमी नहीं होनी चाहिए।

माननीय मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पांच हजार रुपये की अहेतुक सहायता फौरी तौर पर आपदा के मानकों के तहत प्रदान की जाती है, ताकि लोग जीवन यापन हेतु मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें। उनके सामने भोजन इत्यादि का संकट न रहे। उन्होंने कहा कि पांच लाख रुपये की सहायता की घोषणा की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द यह राशि प्रभावितों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर इस आपदा में तबाह हुए हैं, उन्हें दोबारा बसाएंगे।

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इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम, डीजीपी दीपम सेठ, मा0 उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग श्री विनय कुमार रुहेला, सचिव शैलेश बगोली, एडीजी श्री एपी अंशुमन, सचिव सचिन कुर्वे, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, सचिव युगल किशोर पंत, आईजी फायर श्री मुख्तार मोहसिन, एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी मौजूद थे।

 

जल्द किया जाए क्षति का आकलन, 07 दिन में रिपोर्ट पेश करें 

देहरादून। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर्षिल घाटी में जल्द से जल्द क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि क्षति के आकलन के लिए सचिव राजस्व श्री एसएन पांडेय की अध्यक्षत में समिति गठित की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि समिति खेती, बागवानी, मकान, होटल, तथा पशुधन आदि को हुए नुकसान का आकलन करते हुए 07 दिन में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

 

हर्षिल में झील से न हो कोई खतरा, जल्द किए जाएं सुरक्षात्मक उपाय 

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर्षिल में बन रही तालाब का निरीक्षण करने तथा जल निकासी हेतु समुचित कदम उठाए जाने के लिए टीम भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस झील से पानी निकालने के लिए जो भी उपाय किए जाने हैं, वह जल्द से जल्द किए जाएं ताकि भविष्य में इस झील से किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न न हो। धराली में रिवर चैनेलाइजेशन के लिए सोमवार सुबह विशेषज्ञों की टीम भेजने के निर्देश दिए। माननीय मुख्यमंत्री ने धराली में अतिवृष्टि के कारण आए जमा हुआ मलबे का जिओटेक्निकल तथा जिओफिजिकल अध्ययन करवाने के भी निर्देश दिए ताकि राहत और बचाव दल सही दिशा में खोज एवं बचाव अभियान को संचालित कर सकें। उन्होंने इसके लिए आईआईटी रुड़की, वाडिया, सीबीआरई तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेषज्ञों का दल गठित करते हुए सोमवार सुबह ही धराली के लिए रवाना करने के निर्देश दिए।

 

राहत और बचाव दलों की सराहना

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपरीत परिस्थितियों में ग्राउंड जीरो पर काम कर रहे सभी राहत और बचाव दलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी राहत और बचाव दलों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के त्यौहार में भी राहत और बचाव दलों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया। घर परिवार से दूर रहते हुए भी आपदाग्रस्त लोगों की चिंता करते रहे, यह अपने आप में बड़ी बात है।

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राशन की किल्लत न हो, रखा जाए पूरा ख्याल 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन के साथ-साथ विभिन्न माध्यमों से जो सामग्री प्राप्त हो रही है, उसे वितरित करने की समुचित व्यवस्था बनाई जाए और इस बात का ध्यान रखा जाए की राशन की बर्बादी ना हो। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित लोगों को राशन की कमी न हो, इसके लिए राशन का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए।

 

सीएम ने कहा-प्रभावितों का अच्छा विस्थापन करेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली में जिन लोगों का भी नुकसान हुआ है, उन्हें सुरक्षित जगह पर विस्थापित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को कल्पकेदार मंदिर, जिसके साथ धराली के लोगों की गहरी आस्थाएं जुड़ी हैं, उसे भी बेहतर स्वरूप में लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर्षिल घाटी तथा धराली में जो भी निर्माण कार्य किए जाएं, उनमें स्थानीय लोगों की राय को भी शामिल किया जाए तथा उन्हें विश्वास में लेकर कार्य किया जाए। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आपदाओं के दृष्टिगत खतरे वाले गांवों को चिन्हित करते हुए विस्थापन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सरकार का पहला ध्येय है। उन्होंने राज्य के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का डेटाबेस बनाते हुए सभी एजेंसियों को साथ मिलकर उनका स्थाई समाधान करने के निर्देश दिए।

 

धराली में रणनीति बनाकर काम करें राहत और बचाव दल

मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली में खोज एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि सभी राहत और बचाव दल रणनीति बनाकर कार्य करें। प्रत्येक दिन सुबह सभी एजेंसियों तथा फोर्सेज के लोग आपस में बैठकर चर्चा करें कि किस प्रकार कार्य किया जाना है। कोई भी आइसोलेशन में काम ना करें। उन्होंने सभी एजेंसियों से आपसी तालमेल के साथ काम करने की अपेक्षा की।

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ग्रामीणों ने जताया सीएम आभार 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य से फोन पर बात कर ग्राउंड जीरो की स्थितियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने भी माननीय मुख्यमंत्री से फोन पर बात की। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री द्वारा आपदा के दौरान उनकी सक्रियता तथा राज्य सरकार के स्तर पर प्रदान किए जा रहे सहयोग तथा सहायता के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी मजबूती तथा सम्पूर्ण संवेदनाओं के साथ आपदा की इस घड़ी में उनके साथ खड़े हैं। माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश जिला प्रशासन के स्तर से भी पर हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री हमारे भविष्य को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

 

मंगलवार तक सड़क यातायात बहाल किए जाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली- हर्षिल आपदाग्रस्त क्षेत्र में हर्षिल तक सड़क मार्ग को युद्धस्तर पर कार्य करते हुए मंगलवार तक सुचारु करने के निर्देश दिए हैं द्य इस संबंध में लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित एजेंसियो ने जानकारी दी है कि आज शाम लिमचीगाड़ ब्रिज संचालित होते ही, हर्षिल तक की रोड कनेक्टिविटी 2 दिन के भीतर आरंभ कर दी जाएगी द्य सड़क के जल्द से जल्द निर्माण हेतु सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है।

 

पौड़ी में राहत एवं बचाव कार्यों की भी ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी पौड़ी से भी आपदा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की। डीएम पौड़ी श्रीमती स्वाति भदौरिया ने बताया कि पौड़ी के 338 गांव आपदा प्रभावित हैं। आपदा प्रभावित सैंजी गांव के क्षतिग्रस्त घरों का आकलन कर दिया गया है। अभी तक प्रभावितों को 50.86 लाख रुपए का मुआवजा वितरण कर दिया गया है।

 

नकारात्मकता छोड़कर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुछ लोग राहत राशि वितरण को लेकर नाकारात्मकता का महौल बना रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों से नकारात्मकता छोड़कर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करने के लिए आगे आने की अपील की। मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की घड़ी में राजनीति नहीं की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी को भ्रामक एवं नकारात्मक प्रचार से बचना चाहिए।

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