22 September 2026

जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर पूर्व NSG कमांडो लकी बिष्ट का बड़ा दावा

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जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर पूर्व NSG कमांडो लकी बिष्ट का बड़ा दावा: शेयर की ‘टूलकिट’ फाइल, विदेशी फंडिंग और NGO कनेक्शन का लगाया आरोप

 

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है। पूर्व एनएसजी कमांडो और खुद को पूर्व रॉ (RAW) एजेंट बताने वाले लकी बिष्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। लकी बिष्ट के मुताबिक, यह आंदोलन केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा व्यवस्थित नेटवर्क काम कर रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट में किया ‘सीक्रेट टूलकिट’ का दावा

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लकी बिष्ट ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि इस आंदोलन को पीछे से समर्थन देने वालों में कई वकील, डॉक्टर, एनजीओ, मीडिया संस्थान और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी सक्रिय रूप से शामिल हैं।

उन्होंने एक कथित ‘सीक्रेट टूलकिट’ फाइल शेयर करते हुए आरोप लगाया कि इस फाइल में उन लोगों के नाम और संपर्क विवरण दर्ज हैं, जो राजनीतिक रूप से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को समर्थन दे रहे हैं। अपने बयान में उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल समेत कई अन्य पेशेवरों का भी ज़िक्र किया।

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लकी बिष्ट ने पोस्ट में लिखा:

“जिस आंदोलन को लोग सिर्फ छात्रों का समझ रहे हैं, उसकी सच्चाई कुछ और ही है! मैं एक सीक्रेट टूलकिट फाइल शेयर कर रहा हूं, जिसमें यह दावा किया गया है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को भारत में सपोर्ट करने वाले अरविंद केजरीवाल, वकीलों, डॉक्टरों और NGOs के नाम-नंबर दर्ज हैं। साथ ही कुछ मीडिया हाउसेज व इन्फ्लुएंसर्स भी इसे कवर कर इसे सही ठहराने में लगे हैं।”

विदेशी ताकतों से तार जुड़े होने की आशंका

लकी बिष्ट का यह भी आरोप है कि भारत में जारी इस विरोध-प्रदर्शन और पूरे नेटवर्क के तार विदेशी ताकतों और फंडिंग से जुड़े हो सकते हैं। उनका दावा है कि इस टूलकिट के ज़रिए देश के माहौल को प्रभावित करने और जनमत को बदलने की कोशिश की जा रही है।

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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

लकी बिष्ट के इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। जहां एक तरफ कई लोग इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी हस्तक्षेप का मुद्दा मानकर जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आलोचकों का कहना है कि यह आंदोलन से ध्यान भटकाने और इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास है।

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