25 May 2026

गैस सप्लाई की कमी, अब चारधाम यात्रा मार्ग में होटल-ढाबा संचालकों के सामने बड़ा संकट

0
IMG-20260407-WA0019

गढ़वाल क्षेत्र में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा का इंतजार हरिद्वार से लेकर पहाड़ के अंतिम गांव तक बेसब्री से किया जाता है। करीब साढ़े सात हजार करोड़ रुपये के कारोबार वाली यह यात्रा लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देती है। यात्रा मार्ग पर मौजूद दो हजार से अधिक होटल, हजारों ढाबे, दुकानें और मजदूरों की सालभर की रोजी-रोटी इसी छह महीने के सीजन पर टिकी होती है।

ये भी पढ़ें:   नए तेज गेंदबाजों की तलाश शुरू! CAU का मीडियम पेसर टैलेंट हंट 2026-27 का पूरा शेड्यूल जारी

लेकिन इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही हालात चिंताजनक नजर आ रहे हैं। बीते साल की तरह इस बार भी व्यवसायियों की उम्मीदों को झटका लग रहा है। जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय हालातों का असर दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की एडवांस बुकिंग न के बराबर है और जो बुकिंग हुई भी थी, वह तेजी से कैंसिल हो रही है।

ये भी पढ़ें:   उत्तराखंड में IAS और PCS अधिकारियों के लिए ट्रांसफर, देहरादून के जिलाधिकारी बने आशीष चौहान

सबसे बड़ी समस्या रसोई गैस आपूर्ति के ठप होने से खड़ी हो गई है। व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई बाधित होने के कारण अब होटल और ढाबा संचालक वैकल्पिक व्यवस्थाओं की ओर मजबूर हो गए हैं।

यात्रा मार्ग पर छोटे ढाबा संचालक जहां जंगल से लकड़ी जुटाकर चूल्हा जलाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं बड़े होटल अब डीजल आधारित भट्टियों का सहारा लेने लगे हैं। करीब 8 से 10 हजार रुपये की लागत से स्थानीय स्तर पर तैयार हो रही डीजल भट्टियां इन दिनों काफी मांग में हैं।

ये भी पढ़ें:   नए तेज गेंदबाजों की तलाश शुरू! CAU का मीडियम पेसर टैलेंट हंट 2026-27 का पूरा शेड्यूल जारी

होटल व्यवसायियों का कहना है कि भले ही बुकिंग कैंसिल हो रही हैं, लेकिन जो भी यात्री आएंगे, उन्हें बिना भोजन के लौटाना संभव नहीं है। ऐसे में किसी भी हाल में खाना बनाने की व्यवस्था करना जरूरी हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *