धामी सरकार का बड़ा एक्शन: भड़काऊ बयान देने वाले मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर लगा ताला, एक और मदरसा भी सील
रुद्रपुर:
मदरसों पर सरकारी कार्रवाई के खिलाफ तीखे बोल बोलने वाले मुफ्ती मुजीब पर जिला प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसा है। त्रिशूल चौक पर सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने वाले मुजीब के मदरसे ‘फैजुल मुस्तफा’ को प्रशासन ने सील कर दिया है। इसके साथ ही जाहिद राजा द्वारा संचालित ‘जामियातुल हसनात’ मदरसे पर भी ताला जड़ा गया है।
प्रशासन के अनुसार, दोनों ही मदरसे बिना जरूरी दस्तावेजों और बिना मान्यता के गैर-कानूनी तरीके से चलाए जा रहे थे।
बिना मान्यता नहीं चलेंगे मदरसे
उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर ‘अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ का गठन किया गया है। अब राज्य में किसी भी मदरसे को चलाने के लिए इस प्राधिकरण और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
उधम सिंह नगर का आंकड़ा: जिले में कुल 118 मदरसे दर्ज हैं। इनमें से 5 पहले ही बंद हो चुके हैं, 60 ने अभी तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है, जबकि बाकी ने ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की है।
राज्यभर में सख्ती: अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के मुताबिक, पूर्व में पंजीकृत 452 मदरसों को नए प्राधिकरण से मान्यता लेना अनिवार्य है। ऐसा न करने वाले मदरसों को बंद किया जाएगा। फिलहाल लगभग 200 आवेदन मिले हैं, जिनका मौके पर सत्यापन (स्पॉट सर्वे) किया जा रहा है।
नियमों के पालन पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कर दिया है कि राज्य में नियमों से खिलवाड़ और कट्टरता फैलाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा।