4 July 2026

मुख्यमंत्री का संदेश: सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 5 वर्ष समर्पित

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प्रिय प्रदेशवासियों,

आप सभी के स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद से मुख्यसेवक के रूप में जनसेवा के पाँच वर्ष पूर्ण हुए हैं। सेवा, सुशासन और जनकल्याण की यह यात्रा 1.25 करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास, आकांक्षाओं और सहयोग को समर्पित है।

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार के संकल्प के साथ इन पाँच वर्षों में हमने विकास और सांस्कृतिक अस्मिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

🛑 ऐतिहासिक निर्णय और सुशासन

उत्तराखंड को समानता और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में अग्रणी राज्य बनाने के लिए कई कड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं:

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समान नागरिक संहिता (UCC): सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और सामाजिक समरसता।

सशक्त नकल विरोधी कानून: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए देश का सबसे कड़ा कानून।

धर्मांतरण विरोधी कानून: राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक अस्मिता की रक्षा।

सशक्त भू-कानून: उत्तराखंड की भूमि और स्थानीय हितों का संरक्षण।

अल्पसंख्यक शिक्षा में सुधार: मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर देश में नई मिसाल कायम की।

युवा, महिला और आर्थिक सशक्तिकरण

प्रदेश के हर वर्ग को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है:

मातृशक्ति को संबल: सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण।

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रोजगार के नए अवसर: पूर्ण पारदर्शिता के साथ 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर।

स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच: ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से लोकल उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।

आर्थिक प्रगति: ₹1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में उत्तराखंड का उत्कृष्ट प्रदर्शन।

पर्यटन व स्वरोजगार: सौर ऊर्जा, होमस्टे और रिकॉर्ड संख्या में आए श्रद्धालुओं व पर्यटकों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती।

नया अभियान: “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”

इसी जनसेवा के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज से इस अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया जा रहा है।

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अभियान का लक्ष्य: सरकार स्वयं जनता के बीच पहुँचकर जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करेगी, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाएगी और सुशासन की भावना को और मजबूत करेगी।

हमारा संकल्प: विकसित उत्तराखंड – विकसित भारत

हम आपके विश्वास, सहयोग और सहभागिता के साथ जनसेवा, सुशासन और समृद्धि की इस यात्रा को और अधिक गति तथा नई ऊँचाइयाँ प्रदान करने के लिए निरंतर संकल्पबद्ध हैं।

आपका विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

जय हिंद!

जय उत्तराखंड!

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