3 July 2026

‘बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार’ के मूल मंत्र के साथ एम-पैक्स पदाधिकारियों का राज्यस्तरीय प्रशिक्षण वर्ग 4 जुलाई से

0
IMG-20260703-WA0008

सहकार भारती, उत्तराखण्ड द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर 04 एवं 05 जुलाई, 2026 को “लक्ष्मणराव इनामदार एम-पैक्स (MPACS) पदाधिकारी प्रशिक्षण वर्ग” का आयोजन माधव सिंह भण्डारी किसान भवन, 6 रिंग रोड, अपर नथनपुर, देहरादून में किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण वर्ग उत्तराखण्ड शासन के सहकारिता विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग एवं वन विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण वर्ग में गढ़वाल मण्डल के सात जनपदों की 54 एम-पैक्स (MPACS) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निदेशकगण एवं अन्य पदाधिकारी सहभागिता करेंगे। अधिकांश प्रतिभागी लघु एवं सीमान्त कृषक हैं, जो सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तथा किसानों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य एम-पैक्स के निर्वाचित पदाधिकारियों के नेतृत्व एवं प्रबंधकीय कौशल का विकास, सहकारी सुशासन को सुदृढ़ करना, बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाना तथा सहकारिता के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि एवं ग्रामीण समृद्धि के लक्ष्य को गति प्रदान करना है।

ये भी पढ़ें:   सहसपुर का बहुचर्चित 'बैरागीवाला हत्याकांड': मुख्य आरोपी अमन समेत 3 और गिरफ्तार, अब तक 9 पहुंचे जेल

प्रशिक्षण वर्ग का एक प्रमुख उद्देश्य सहकार भारती के मूल मंत्र—”बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार”—को व्यवहार में उतारना भी है। सहकार भारती का मानना है कि सहकारी संस्थाओं की सफलता केवल वित्तीय संसाधनों, भवनों अथवा प्रशासनिक दक्षता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उनके संचालकों के नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता, ईमानदारी, सेवा-भाव, उत्तरदायित्व, अनुशासन तथा राष्ट्रहित के प्रति समर्पण पर आधारित होती है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण में सहकारी प्रबंधन के तकनीकी विषयों के साथ-साथ संस्कार आधारित नेतृत्व (Value-based Leadership), सहकारिता के जीवन-मूल्य, सुशासन, संगठनात्मक अनुशासन तथा समाज एवं राष्ट्र सेवा की भावना का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि एम-पैक्स केवल वित्तीय संस्थाएँ न रहकर ग्रामीण विकास, किसान सशक्तिकरण एवं सामाजिक परिवर्तन के प्रभावी केन्द्र बन सकें।

ये भी पढ़ें:   पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय के अंदर सरकारी सेवा में समायोजित करें: मुख्यमंत्री

दिनांक 04 जुलाई, 2026 को प्रातः 10:00 बजे आयोजित उद्घाटन समारोह का शुभारम्भ उत्तराखण्ड सरकार के माननीय सहकारित ,शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के करकमलों द्वारा किया जाएगा।

इसी दिन आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के समापन सत्र की अध्यक्षता उत्तराखण्ड सरकार के माननीय वन, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल करेंगे।

दिनांक 05 जुलाई, 2026 को आयोजित प्रशिक्षण सत्र की अध्यक्षता उत्तराखण्ड सरकार के माननीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी करेंगे, जबकि प्रशिक्षण वर्ग के समापन सत्र की अध्यक्षता उत्तराखण्ड सरकार के माननीय पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा करेंगे।

सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्री विनोद कुमार गौड़ ने बताया कि यह प्रशिक्षण वर्ग नव-निर्वाचित एम-पैक्स पदाधिकारियों को सहकारिता के सिद्धांतों, उत्तराखण्ड सहकारी अधिनियम, आदर्श उपविधियों, सुशासन, वित्तीय अनुशासन, नेतृत्व विकास, बहुउद्देशीय एम-पैक्स की अवधारणा, सहकारी संस्थाओं के प्रभावी संचालन तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सहकार भारती का विश्वास है कि सहकारिता केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि संस्कार, सेवा, स्वावलंबन और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का सशक्त माध्यम है। यह प्रशिक्षण वर्ग उसी विचार को व्यवहार में परिणत करने का एक सार्थक प्रयास है।

ये भी पढ़ें:   सहसपुर का बहुचर्चित 'बैरागीवाला हत्याकांड': मुख्य आरोपी अमन समेत 3 और गिरफ्तार, अब तक 9 पहुंचे जेल

उन्होंने सहकारिता से जुड़े सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों से कार्यक्रम में सहभागिता कर सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने का आग्रह किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed