उत्तराखंड: 10% क्षैतिज आरक्षण बहाली के बाद भी नियुक्ति नहीं, राज्य आंदोलनकारियों का क्रमिक अनशन शुरू
राज्य आंदोलनकारियों को प्रदत्त 10% क्षैतिज आरक्षण की बहाली के बावजूद परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों को नियुक्ति न मिलने से आक्रोश बढ़ गया है। इसके विरोध में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच ने आज (15 जून) से कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक में अपना क्रमिक अनशन प्रारंभ कर दिया है।
अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज संयुक्त मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा, सुनीता ठाकुर, पंकज रावत और राम किशन क्रमिक अनशन पर बैठे।
आंदोलनकारियों और आश्रितों ने जताया भारी आक्रोश
धरने और अनशन को समर्थन देने पहुंचे विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए:
चिन्हीकरण में देरी: रानीपोखरी के पूर्व प्रधान पुष्पराज बहुगुणा ने कहा कि उनके क्षेत्र के कई लोग सालों से चिन्हीकरण के फॉर्म जमा किए बैठे हैं, मगर आज तक उनका चिन्हीकरण नहीं हो पाया।
सालों से नियुक्ति का इंतजार: ऋषिकेश से आए शैलेश सेमवाल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वर्ष 2013 में परीक्षा पास करने के बाद भी वह आज तक नियुक्ति की बाट जोह रहे हैं, मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
परीक्षा पास करने के बाद भी दर-दर भटक रहे युवा: आंदोलनकारी आश्रित अभिषेक रावत ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कनिष्ठ सहायक के 40 बच्चे और पुलिस कांस्टेबल के 8 बच्चे पिछले 2 माह से परीक्षा पास करने के बाद भी दर-दर भटक रहे हैं।
पेंशन बढ़ाने की मांग: देवप्रयाग से आए बुजुर्ग दुर्गा प्रसाद ने मांग रखी कि जो आंदोलनकारी 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं और जिनके आश्रित भी अब नौकरी की आयु सीमा पार कर चुके हैं, उनकी पेंशन बढ़ाकर 20 हजार रुपये की जानी चाहिए।
कैबिनेट बैठक के लिए नोट तैयार, पर आंदोलनकारी आश्वासनों से संतुष्ट नहीं
इसी बीच राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने दूरभाष (फोन) के माध्यम से एक महत्वपूर्ण सूचना साझा की। उन्होंने बताया कि:
कार्मिक विभाग द्वारा चयनित राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों (चयनित परीक्षार्थियों) के मामले में कैबिनेट बैठक के लिए नोट तैयार कर लिया गया है। इसे आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा, जिसके बाद कार्मिक विभाग नियमावली बनाकर आयोग को भेज देगा। उम्मीद है कि इसके एक माह बाद ज्वाइनिंग प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी।
आंदोलनकारियों का रुख:
अनशन पर बैठे लोगों ने इस सूचना का स्वागत तो किया, लेकिन आंदोलन खत्म करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे कई बार सरकारी आश्वासनों से बुरी तरह पक चुके हैं, इसलिए इस बार जब तक सभी आंदोलनकारी साथियों की जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे धरने से उठने वाले नहीं हैं।
इन्होंने दिया समर्थन
आज शहीद स्मारक पहुंचकर समर्थन देने वालों में हरी प्रकाश शर्मा, मनोज कुमार, प्रभात डंडरियाल, नवनीत गुसाईं, अमित राणा और उत्तराखंड कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष संतान रावत आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
