दिल्ली में आज कांग्रेस का हल्ला बोल, उत्तराखंड कांग्रेस के बड़े नेता रहे मौजूद
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर देशभर में चलाये जा रहे ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे एवं गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के आह्वान पर नई दिल्ली में आयोजित सर्वोच्च न्यायालय मार्च में उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में प्रदेश के सैकड़ों वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में उत्तराखण्ड से पहुंचे कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली के बाराखंबा रोड से सर्वोच्च न्यायालय की ओर कूच करते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में जोरदार नारेबाजी की तथा देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान एवं नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रणाली सुनिश्चित किये जाने की मांग उठाई।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है और इस ताकत को कमजोर करने का किसी भी संस्था अथवा सरकार को कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्वाचन आयोग जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर देश की जनता के मन में पैदा हो रहे संदेह लोकतंत्र के भविष्य के लिए अत्यन्त चिन्ताजनक हैं।
गणेश गोदियाल ने कहा कि देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन कांग्रेस पार्टी द्वारा मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं, मतदाताओं के नाम काटे जाने तथा चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठाये जा रहे गम्भीर सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए तथा कांग्रेस पार्टी उनके तत्काल इस्तीफे एवं कथित अनियमितताओं में आपराधिक संलिप्तता की जांच कर कानूनी कार्रवाई एवं गिरफ्तारी की मांग करती है। उन्होंने कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान मताधिकार प्रदान करता है, लेकिन यदि मतदाता सूची की शुचिता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर ही प्रश्नचिह्न लगने लगें तो लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपने राजनीतिक हितों के अनुरूप संचालित करने का प्रयास कर रही है, जिसका कांग्रेस पार्टी प्रत्येक स्तर पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी लगातार देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान एवं आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में चलाया जा रहा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान केवल कांग्रेस पार्टी का राजनीतिक आन्दोलन नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के मताधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता की रक्षा का अभियान है।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड में भी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा लगातार गम्भीर सवाल उठाये गये हैं। अनेक स्थानों पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाये जाने के प्रयासों तथा मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के सम्बन्ध में निर्वाचन अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गये, लेकिन इन शिकायतों पर प्रभावी एवं पारदर्शी कार्रवाई नहीं होने से निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर देश के नागरिकों के मताधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जिस देश में वोट सुरक्षित नहीं होगा, उस देश में लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं रह सकता। इसलिए कांग्रेस का यह संघर्ष किसी व्यक्ति अथवा पद के विरुद्ध मात्र नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता को बचाने के लिए है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र जनता की आवाज दबाने से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से मजबूत होता है। कांग्रेस पार्टी संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता एवं स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।
चुनाव प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि देश की जनता अब अपने मताधिकार एवं लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी है। यदि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई और विपक्ष द्वारा उठाये जा रहे गम्भीर सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी अपने आन्दोलन को और अधिक व्यापक रूप देगी।
कूच में उत्तराखण्ड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा एवं मनोज यादव, चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक विक्रम सिंह नेगी, लखपत बुटोला एवं फुरकान अहमद, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष गोदावरी थापली, प्रदेश उपाध्यक्ष संजय पालीवाल, सी.पी. सिंह, जयेन्द्र रमोला, अरुणा कुमार, हिमांशु गाबा, राकेश राणा, सोमेन्द्र बोरा एवं प्रशांत खंडूरी, आर्येन्द्र शर्मा, संजय सैनी, संजय जैन, तेलूराम प्रधान, प्रदीप थपलियाल, राजवीर चौहान, मोहित शर्मा, सूरत सिंह नेगी, विपुल जैन, विनीत भट्ट, दिनेश कौशल, दिनेश चौहान, महेश जोशी, रामयश सिंह सहित उत्तराखण्ड के सैकड़ों कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।
कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’, ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’, ‘संविधान का सम्मान करो’, ‘मताधिकार की रक्षा करो’ तथा ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाते हुए निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता एवं चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित किये जाने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया कि जब तक देश के प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित नहीं होता तथा निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस पार्टी का लोकतांत्रिक संघर्ष निरन्तर जारी रहेगा।