3 July 2026

क्या अब वक्फ बोर्ड की जमीन दी जा सकती है सैनिकों के परिवार वालों को, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कर दी बड़ी मांग

0
Oplus_131072

Oplus_131072

 

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स अक्सर अपने बयानों से चर्चाओं में रहते हैं… इसके साथ ही उन्होंने वक्फ बोर्ड में कई संशोधन की पैरवी भी कर रखी है… जहां शादाब शम्स लगातार इस बात को बोलते रहते हैं कि वक्फ बोर्ड की जमीन कई बड़े लोगों द्वारा कब्जे में ली गई है.. कुछ परिवार हैं जो जमीनों को वक्फ के नाम पर हड़प रहे हैं… इसके साथ ही वह लगातार वक्फ बोर्ड की जमीनों की जांच की मांग भी करते रहते हैं…इन सबके के बीच में बताया जा रहा है कि अब शादाब शम्स ने एक बड़ी मांग कर दी है…

ये भी पढ़ें:   सहसपुर का बहुचर्चित 'बैरागीवाला हत्याकांड': मुख्य आरोपी अमन समेत 3 और गिरफ्तार, अब तक 9 पहुंचे जेल

प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक हुई… इस दौरान उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने एक बड़ी मांग रख दी.. उन्होंने कहा कि “देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों के परिवारों” को वक्फ भूमि आवंटित की जाए… इस प्रस्ताव को उन्होंने बोर्ड के सामने रख दिया…

ये भी पढ़ें:   पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय के अंदर सरकारी सेवा में समायोजित करें: मुख्यमंत्री

सूत्रों के अनुसार दिल्ली में हुई बैठक में बोर्ड ने तर्क दिया कि सैनिकों की पहचान धर्म से नहीं की जानी चाहिए और इस बात पर जोर दिया कि “जब वक्फ की जमीन दूसरों से छीन ली जाती है, तो इसे देश की रक्षा करने वाले सैनिकों को क्यों नहीं आवंटित किया जाता?” बोर्ड ने कहा कि इन “बहादुरों” के परिवारों का समर्थन करना वक्फ बोर्ड सहित पूरे देश की जिम्मेदारी है… वहीं शादाब शम्स से जब इसको लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बोर्ड में क्या बातचीत हुई है ये मै मीडिया के सामने नहीं रख सकता… लेकिन जहां से भी यह जानकारी आप लोगों को मिली है कि बोर्ड में यह बात रखी गई है तो इसमें बुराई क्या है जिनके पेट में दर्द हो रहा है उनके पेट में दर्द होता रहे… यह एक बहुत ही अच्छा फैसला है जमीन ने शहीदों के परिवारों को मिलनी चाहिए…

ये भी पढ़ें:   ‘बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार’ के मूल मंत्र के साथ एम-पैक्स पदाधिकारियों का राज्यस्तरीय प्रशिक्षण वर्ग 4 जुलाई से

 

शादाब शम्स, अध्यक्ष वक्फ बोर्ड उत्तराखंड 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed