उत्तराखंड के दो वरिष्ठ IPS अधिकारियों को CAT से बड़ी राहत, प्रतिनियुक्ति आदेशों पर लगी रोक
देहरादून:
उत्तराखंड कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी नीरू गर्ग और अरुण मोहन जोशी को बड़ी राहत मिली है।केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने उनके प्रतिनियुक्ति (deputation) आदेशों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।इस फैसले के बाद दोनों IG रैंक के अधिकारियों को फिलहाल केंद्र में DIG रैंक पर तैनाती से राहत मिल गई है।अधिकरण के आदेश के अनुसार अब इस मामले में अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनी रहेगी, जिससे दोनों अधिकारियों को अस्थायी राहत मिल गई है।यह फैसला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और इसे एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है।
इस मामले को समझने के लिए थोड़ा बैकग्राउंड जानना जरूरी है
उत्तराखंड कैडर के IPS अधिकारी नीरू गर्ग और अरुण मोहन जोशी को केंद्र सरकार ने प्रतिनियुक्ति (deputation) पर भेजने का आदेश दिया था।
लेकिन यहाँ विवाद की वजह बनी उनकी रैंक और पोस्टिंग।
क्या था विवाद?
दोनों अधिकारी IG (Inspector General) रैंक के हैं
लेकिन केंद्र में उन्हें DIG (Deputy Inspector General) रैंक के पद पर भेजा जा रहा था
आमतौर पर यह डिमोशन जैसा माना जाता है (या कम से कम रैंक के हिसाब से डाउनग्रेड)
👉 इसी बात को लेकर दोनों अधिकारियों ने इस आदेश को चुनौती दी।
अधिकारियों की आपत्ति
IG रैंक के अधिकारी को DIG पद पर भेजना उचित नहींयह उनकी सीनियरिटी और कैरियर पर असर डाल सकता है प्रक्रिया और नियमों को लेकर भी सवाल उठाए गए
CAT ने क्या किया?
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने मामला सुनते हुए:
फिलहाल deputation आदेश पर रोक लगा दी
और कहा कि अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनी रहे
इसका मतलब क्या है?
अभी दोनों अधिकारी केंद्र नहीं जाएंगे, अपनी वर्तमान स्थिति में बने रहेंगे। जब तक कोर्ट अंतिम फैसला नहीं देता, तब तक राहत जारी रहेगी
इसलिए यह “अस्थायी राहत” है, फाइनल फैसला अभी आना बाकी है।
