25 August 2026

उत्तराखंड ने रचा इतिहास: देश का छठा ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बना, राज्यपाल ने दी मंजूरी

0
IMG-20260708-WA0018

उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। नई शिक्षा नीति-2020 (NEP) और ‘उल्लास’ (ULLAS – Understanding of Lifelong Learning for All in Society) – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड को देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य

घोषित कर दिया गया है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित वयस्क साक्षरता के मानकों को पूरा करने के बाद, 08 जुलाई 2026 को उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल ने राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने की सहर्ष स्वीकृति दे दी है।

ये भी पढ़ें:   कैंट विधानसभा में 30 सालों के भाजपा शासन के बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव: राजीव महर्षि

इस गौरवशाली सूची में शामिल होने वाला उत्तराखंड देश का छठा राज्य है। इससे पहले केवल **मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम को ही पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा प्राप्त था।

 

मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने दी प्रदेशवासियों को बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा:
“यह सफलता सरकार के सतत प्रयासों और प्रदेशवासियों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। सामूहिक प्रयासों से हम ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। सरकार हर नागरिक तक डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता और जीवनोपयोगी कौशल पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
>

ये भी पढ़ें:   मिलावट-जमाखोरी पर चल रहा चाबुक, अभियान तेज,सीएम धामी के निर्देश पर प्रत्येक जिले में सरकारी मशीनरी कर रही कार्रवाई

क्या है ‘उल्लास’ कार्यक्रम का उद्देश्य?

इस अभियान का उद्देश्य केवल वयस्कों को साक्षर (पढ़ना-लिखना सिखाना) बनाना ही नहीं है, बल्कि उन्हें समय के साथ कदम मिलाने के लिए तैयार करना है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

डिजिटल साक्षरता:नागरिकों को तकनीक और ऑनलाइन माध्यमों से जोड़ना।

वित्तीय साक्षरता: बैंकिंग और पैसों के सही प्रबंधन के प्रति जागरूक करना।

ये भी पढ़ें:   मंत्री भरत सिंह चौधरी बनाम बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी कमलेश उनियाल: जानिए क्या है विवाद की वजह

जीवनोपयोगी कौशल:रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बेहतर बनाने वाले हुनर सिखाना।

सतत अधिगम: आजीवन कुछ न कुछ सीखते रहने की संस्कृति को बढ़ावा देना।
इस महा-अभियान की सफलता में उत्तराखंड सरकार, विद्यालयी शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा, जिला प्रशासन, स्वयंसेवी शिक्षकों, शिक्षा प्रेरकों और स्थानीय निकायों के साथ-साथ आम जनता की व्यापक जनभागीदारी और नियमित मॉनिटरिंग की अहम भूमिका रही है। इस ऐतिहासिक अवसर पर समस्त शिक्षा निदेशालयों, एससीईआरटी (SCERT), समग्र शिक्षा और नवभारत साक्षरता कार्यक्रम प्रकोष्ठ ने अपनी प्रसन्नता और हर्ष व्यक्त किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed