मंत्री भरत सिंह चौधरी बनाम बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी कमलेश उनियाल: जानिए क्या है विवाद की वजह
रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर बयानबाजी और खींचतान लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। रुद्रप्रयाग से विधायक और कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के खिलाफ पार्टी के ही प्रदेश मीडिया प्रभारी कमलेश उनियाल ने मोर्चा खोल रखा है। कमलेश उनियाल पिछले 5 वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और आगामी चुनावों के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच टिकट पाने की होड़ साफ दिखाई दे रही है।
पीएमओ को पत्र और सड़कों की बदहाली पर घेराबंदी
दोनों नेताओं के बीच विवाद तब गहरा गया जब कमलेश उनियाल ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को एक पत्र भेजकर क्षेत्र की सड़कों की दुर्दशा पर सवाल उठाए। इसके साथ ही वह सोशल मीडिया पर भी लगातार वीडियो जारी कर स्थानीय मुद्दों को उठा रहे हैं।
मक्खी वाले बयान पर जुबानी जंग
जब कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी से कमलेश उनियाल के पत्रों और वीडियो पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
“अच्छा हुआ कि उन्होंने पत्र पीएमओ को ही भेजा, यूएनओ (UNO) को नहीं भेजा। जिस व्यक्ति की प्रवृत्ति ही कमियां ढूंढने की होगी, वह कुछ न कुछ ढूंढ ही लेगा—ठीक वैसे ही जैसे मक्खी गंदगी ढूंढ लेती है।”
इस बयान के बाद राजनीति और गरमा गई। कमलेश उनियाल ने इस पर पलटवार करते हुए एक नया वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से खुद को ‘मक्खी’ के रूप में दर्शाते हुए आम जनता की मदद करते दिखाया। इस वीडियो के जरिए उन्होंने पिछले लंबे समय से क्षेत्र में किए जा रहे अपने सामाजिक कार्यों को भी जनता के सामने रखा।
आगे की राह
पार्टी के भीतर शुरू हुई यह खींचतान आने वाले दिनों में और दिलचस्प मोड़ ले सकती है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारतीय जनता पार्टी रुद्रप्रयाग सीट पर अपने मौजूदा मंत्री पर फिर से भरोसा जताती है या नया चेहरा मैदान में उतारती है।