3 July 2026

उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि, भ्रामक प्रचार से बचने की अपील

0
Screenshot_2026-05-15-19-58-39-63_680d03679600f7af0b4c700c6b270fe7

हल्द्वानी/देहरादून:

 

उत्तराखंड सरकार और श्रम विभाग ने राज्य के श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। श्रम आयुक्त पी. सी. दुम्का द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, उत्तराखंड में अब पड़ोसी राज्यों (उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और बिहार) की तुलना में अधिक न्यूनतम वेतन निर्धारित कर दिया गया है।

वेतन वृद्धि की नई दरें (उत्तराखंड)

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, संशोधित न्यूनतम वेतन (DA सहित) इस प्रकार है:

अकुशल (Unskilled): ₹13,800

अर्द्धकुशल (Semi-skilled): ₹15,100

कुशल (Skilled): ₹16,900

यह दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी गई हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अप्रैल माह में इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग उद्योगों के लिए न्यूनतम वेतन और V.D.A. (परिवर्तनशील महंगाई भत्ता) पहले ही घोषित किया जा चुका है और उद्योगों को एरियर भुगतान के निर्देश दे दिए गए हैं।

ये भी पढ़ें:   सहसपुर का बहुचर्चित 'बैरागीवाला हत्याकांड': मुख्य आरोपी अमन समेत 3 और गिरफ्तार, अब तक 9 पहुंचे जेल

भ्रामक सूचनाओं पर स्पष्टीकरण

श्रम विभाग ने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही उस अफवाह का खंडन किया है, जिसमें कहा जा रहा था कि प्रधानमंत्री द्वारा ₹781 प्रतिदिन का न्यूनतम वेतन घोषित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि:

प्रधानमंत्री या किसी सक्षम अधिकारी द्वारा ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।

ये भी पढ़ें:   सहसपुर का बहुचर्चित 'बैरागीवाला हत्याकांड': मुख्य आरोपी अमन समेत 3 और गिरफ्तार, अब तक 9 पहुंचे जेल

केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ₹781 की दर केवल केंद्रीय उपक्रमों के ‘वेट एंड वॉच’ (सिक्योरिटी गार्ड) जैसे विशिष्ट पदों के लिए है, जो राज्य के निजी उद्योगों पर लागू नहीं होती।

श्रमिकों की सहायता के लिए 24×7 कंट्रोल रूम

श्रमिकों की समस्याओं के समाधान और शिकायतों के लिए हल्द्वानी स्थित श्रम आयुक्त कार्यालय में एक 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

कंट्रोल रूम नंबर: 05946-282805

ये भी पढ़ें:   सहसपुर का बहुचर्चित 'बैरागीवाला हत्याकांड': मुख्य आरोपी अमन समेत 3 और गिरफ्तार, अब तक 9 पहुंचे जेल

इसके अलावा, राज्य के सभी 13 जिलों के सहायक श्रम आयुक्तों के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि श्रमिक किसी भी समय अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

विभाग की अपील

श्रम विभाग ने सभी श्रमिक भाइयों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार में न आएं और औद्योगिक शांति बनाए रखने में सहयोग करें। उद्योगों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे न्यूनतम वेतन, ओवर टाइम और बोनस के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed