नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में बदलाव का विरोध: प्रदेश कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, वर्षवार नियुक्ति की मांग
देहरादून: उत्तराखंड में नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आंदोलनरत नर्सिंग अभ्यर्थियों के समर्थन में मोर्चा खोलते हुए महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन प्रेषित किया है। कांग्रेस ने मांग की है कि स्वास्थ्य महानिदेशक द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुरूप नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में तत्काल निर्णय लिया जाए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में देहरादून में बड़ी संख्या में नर्सिंग अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं। अभ्यर्थियों में सरकार की नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है। उनका तर्क है कि पूर्व में प्रचलित वर्षवार (सीनियरिटी आधारित) प्रणाली को समाप्त कर परीक्षा प्रणाली लागू करने से उन युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है जो वर्षों से अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे।
कांग्रेस द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें:
नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को पुनः पूर्व की भांति वर्षवार (सीनियरिटी आधारित) प्रणाली से संचालित किया जाए।
लंबे समय से प्रतीक्षारत पुराने अभ्यर्थियों को भर्ती में प्राथमिकता प्रदान की जाए।
नई परीक्षा प्रणाली से प्रभावित होने वाले अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हेतु विशेष नीति बनाई जाए।
आंदोलनरत अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर समस्याओं का शीघ्र समाधान निकाला जाए।
प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पड़े नर्सिंग पदों पर अविलंब नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं।
कांग्रेस कमेटी का कहना है कि नर्सिंग जैसे संवेदनशील और सेवा आधारित क्षेत्र में कार्यरत युवाओं ने वर्षों तक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। भर्ती प्रक्रिया में अचानक हुए इस बदलाव से हजारों युवाओं में निराशा और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। कांग्रेस ने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्यायोचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।
