आखिर कब पहाड़ों के हर गांव तक पहुंचेगी सड़क, अब चमोली के एक गांव का यह नया मामला आया सामने
चमोली:
जनपद चमोली के दशोली विकासखंड का दूरस्थ गांव मौली हडूंगा आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। सरकारी विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच इस गांव की जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जहां लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ताजा मामला गांव की निवासी गुड्डी देवी (पत्नी वीरेंद्र सिंह) से जुड़ा है, जो जंगल में चारा-पत्ती लेने के दौरान पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। सड़क मार्ग के अभाव में उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया।

ऐसी स्थिति में गांव के लोगों ने एकजुटता का परिचय देते हुए घायल महिला को पालकी (डंडी-कंडी) में बैठाकर करीब 10 किलोमीटर लंबे दुर्गम और खतरनाक पहाड़ी रास्ते से पैदल अस्पताल तक पहुंचाया। बाद में उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मौली हडूंगा गांव दशोली ब्लॉक की निजमुला घाटी में स्थित है और आज भी सड़क संपर्क से काफी दूर है। यहां आए दिन बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए डंडी-कंडी के सहारे ही सड़क तक लाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। गांव के प्रधान भगत फरस्वाण ने भी बताया कि क्षेत्र में सड़क समेत बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है, जिसके चलते लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी कई किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ता है।
यह घटना न केवल सिस्टम की विफलता को उजागर करती है, बल्कि विकास के दावों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मौली हडूंगा गांव को सड़क मार्ग से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर परिस्थितियों से बचा जा सके।
