16 May 2026

SENSATIONAL BREAKING: देहरादून में आतंकी साजिश का पर्दाफाश, STF ने दबोचा पाकिस्तानी हैंडलर का गुर्गा

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देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ (STF) ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए राजधानी के प्रेमनगर क्षेत्र से देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया अभियुक्त पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ‘अल बर्क ब्रिगेड’ के आतंकी शहजाद भट्टी के सीधे संपर्क में था।

मुख्य बिंदु: क्या थी बड़ी साजिश?

निशाने पर सरकारी संस्थान: गिरफ्तार आरोपी विक्रांत कश्यप देहरादून के महत्वपूर्ण सरकारी भवनों, सैन्य प्रतिष्ठानों और पुलिस मुख्यालय की फुटेज और लोकेशन पाकिस्तान भेज रहा था।

TTH का खौफ फैलाने की योजना: आरोपी ‘तहरीक-ए-तालिबान-हिन्दुस्तान’ (TTH) नामक संगठन का विस्तार करने और दीवारों पर इसके नाम लिखकर दहशत फैलाने का काम कर रहा था।

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दिल्ली में ग्रेनेड हमले का टास्क: पाकिस्तानी हैंडलर ने आरोपी को दिल्ली में एक संगठन के कार्यकर्ताओं और सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ अधिवक्ता पर हैंड ग्रेनेड फेंकने का टारगेट भी दिया था।

मूसेवाला की हत्या का बदला लेने के नाम पर हुआ ‘ब्रेनवाश’

पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अभियुक्त विक्रांत कश्यप पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का प्रशंसक था। उसकी हत्या से वह काफी नाराज था। इसी का फायदा उठाकर पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी ने इंस्टाग्राम के जरिए उसे अपनी बातों में फंसाया और बदला लेने के नाम पर उसे देश विरोधी गतिविधियों की ओर धकेल दिया।

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लालच: दुबई में सेटल होने का ऑफर

आतंकी हैंडलर ने विक्रांत को इन सभी टास्क के बदले नेपाल के रास्ते दुबई ले जाने और वहां मोटी रकम देकर सेटल करने का लालच दिया था। आरोपी पहले पंजाब के नाभा में ट्रक बॉडी बनाने का काम करता था, जहां से वह कट्टरपंथियों के प्रभाव में आया।

बरामदगी और गिरफ्तारी

एसटीएफ और प्रेमनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात झाझरा क्षेत्र से विक्रांत को घेराबंदी कर पकड़ा। उसके पास से निम्नलिखित सामान मिला है:

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01 अवैध पिस्टल (.32 बोर)

07 जिंदा कारतूस

01 स्प्रे पेंट कैन (दीवारों पर TTH लिखने के लिए प्रयुक्त)

01 मोबाइल फोन (पाकिस्तानी नंबरों के साथ चैट और संदिग्ध फुटेज बरामद)

अधिकारियों का बयान

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, “आरोपी सोशल मीडिया के जरिए स्लीपर सेल के रूप में तैयार किया गया था। उसके मोबाइल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच केंद्रीय एजेंसियां भी कर रही हैं। देवभूमि की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।”

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