17 August 2026

डबल इंजन का दम – चार साल में उत्तराखंड के विकास को मिली नई रफ्तार

0
IMG-20260327-WA0033

केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बीते चार वर्षों के दौरान उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में डबल इंजन की अवधारणा जमीन पर उतरी है। वर्तमान में ही केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में दो लाख करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन, स्वास्थ्य, धार्मिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए ऑल वेदर रोड परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं अब दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस वे के शुरु हो जाने से प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया आयाम मिला है। इस समय सितारगंज से टनकपुर, पौंटा साहिब- देहरादून, भानियावाला – ऋषिकेश, काठगोदाम लालकुंआ-हल्द्वानी बाईपास और रूद्रपुर बाईपास पर भी अलग- अलग चरण में काम चल रहा है।

ये भी पढ़ें:   *आईएसबीटी के कायाकल्प को मिलेगी रफ्तार, यात्री सुविधाओं से लेकर सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है, इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 48 हजार करोड़ रुपये की टनकपुर – बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रदेश में 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए भी कार्य किया जा रहा है।

 

एयर कनेक्टिविटी

बीते चार साल में केंद्र सरकार के सहयोग से जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया गया। उड़ान योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 हेलीपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं। इससे गौचर, श्रीनगर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, मुन्स्यारी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे शहरों के लिए हवाई सेवा शुरु की जा चुकी है। वर्ष 2022 तक राज्य में सिर्फ दो हेलीपोर्ट थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 7 हो गई है। हेलीपैड की संख्या वर्ष 2021-22 में 60 थी जो अब बढ़कर 118 हो चुकी हैं।

ये भी पढ़ें:   कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की छवि को आखिर क्यों खराब करना चाहते हैं बीजेपी नेता!

 

रोपवे का जाल

केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में रोपवे विस्तार के लिए पर्वतमाला परियोजना संचालित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत रानीबाग से नैनीताल, पंचकोटी से नई टिहरी, खलियाटॉप से मुन्स्यारी, हरकी पौड़ी से चंडी देवी मंदिर, ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव तथा औली से गौरसों तक रोपवे विकास की प्रक्रिया जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग से गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है।

 

तीर्थाटन -पयर्टन

धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम का पुनर्विकास कार्य तेजी से चल रहा है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों का व्यापक विकास किया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का राफ्टिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है, जिससे राज्य में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

ये भी पढ़ें:   परिजनों ने सोशल मीडिया पर लगाई गुहार, मुख्यमंत्री धामी ने लिया स्वतः संज्ञान

 

अन्य परियोजनाएं

केंद्र सरकार के सहयोग से बहुप्रतीक्षित जमरानी, सौंग एवं लखवाड़ बांध परियोजनाओं पर काम चल रहा है, इससे हल्द्वानी के साथ ही देहरादून की पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत होगी। केंद्र सरकार के सहयोग से किच्छा में एम्स सेटेलाइट सेंटर पर काम प्रारंभ हो चुका है, इसी तरह एम्स ऋषिकेश में देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है। प्रदेश के 226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उधम सिंह नगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित की जा रही है। सीमांत क्षेत्रों के विकास हेतु वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

——————-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed