24 June 2026

सैफई के केदारनाथ मंदिर निर्माण पर महापंचायत की दो टूक, इसको लेकर जाएंगे न्यायालय की शरण में

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उत्तर प्रदेश के सैफई में केदारनाथ मंदिर के वास्तु एवं गर्भ गृह में उसी तर्ज पर लिंग स्थापित किए जाने का उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने कड़ा विरोध जताया है। महापंचायत ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को मीडिया के जरिए कहा है कि करोड़ सनातन धर्माबब लमिबों की भावना का सम्मान होना चाहिए। महापंचायत ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड स्थित चार धामों की प्रतिकृति (वास्तु), उसके नाम और इनके नाम पर किसी भी तरह का ट्रस्ट बनाए जाने का विरोध किया जाएगा। महापंचायत ने चेतावनी दी है कि संबंधित लोग इसका संज्ञान नहीं लेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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उल्लेखनीय कि उत्तर प्रदेश के सैफई में करोड़ों की लागत से केदारनाथ मंदिर के वास्तु जैसा ही मंदिर का निर्माण किया गया है। इसके अलावा मंदिर के गर्व गृह में उसी तर्ज पर शिवलिंग भी स्थापित किया गया है। इससे पहले तेलंगाना में भी केदारनाथ मंदिर के भूमि पूजन किया जा रहा था जिसका महापंचायत द्वारा विरोध किया गया । विगत वर्ष 18 जुलाई को उत्तराखंड राज्य कैबिनेट की ओर से एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें उत्तराखंड से चार धामों के नाम के प्रयोग किए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात गई थी । लेकिन इस आदेश का पालन होता नजर नहीं आ रहा है ।

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इस पर उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने नाराजगी जताई है। महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल एवं महासचिव बृजेश सती ने यहां जारी एक संयुक्त बयान में कहा है कि सैफई में केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति के निर्माण के साथ गर्भ गृह में केदारनाथ जी का लिंग स्थापित किया गया है। महापंचायत के पदाधिकारियों ने अखिलेश यादव से कहा है कि वह करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए केदारनाथ मंदिर की वास्तु से अलग मंदिर का निर्माण करें।

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महापंचायत ने कहा कि मंदिर निर्माण पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है। यह सभी सनातनियों का अधिकार है। लेकिन उत्तराखंड स्थित चार धाम करोड़ हिंदुओं की आस्था के केंद्र हैं और इनका अपना महत्व और मा हात्म्य में है । महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल एवं महासचिव बृजेश सती ने कहा इस संदर्भ में महापंचायत विधि राय ले रही है और संभव हुआ तो न्यायालय की शरण ली जाएगी।

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