भालुओं बढ़ते के हमले के बीच ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय बैठक में जिलाधिकारी कड़े निर्देश
जिले के ग्रामीण और वन सीमा से सटे क्षेत्रों में भालूओं के हमले की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिला पंचायतराज अधिकारी और वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये ।
जिलाधिकारी ने कहा कि भालुओं के हमले की बढ़ती घटनाओं पर ग्रामीण और वन्य क्षेत्र से लगे आबादी वाले क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा जिला प्रशासन की प्राथमिकता है जिसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को ग्राम पंचायतों में स्थानीय बैठकों के माध्यम से भालू के हमले से बचाव हेतु नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश दिये ।
जिलाधिकारी ने वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर ग्राम स्तर पर स्वयंसेवक समूह का गठन करने और ऐसी किसी भी घटना के बारे में वन विभाग एवं प्रशासन को तुरंत सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिये । जिलाधिकारी ने मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए जनजागरुकता, आपदा प्रबंधन और पर्यावरणीय सतर्कता को जनभागीदारी से जोड़कर सामूहिक प्रयास करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने घटनाओं के रिकॉर्ड और वन्यजीवों की आवाजाही के आधार पर भालुओं के हमलों के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की प्राथमिकता से पहचान करके इन चिन्हित स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिये।
