17 August 2026

रोजगार और पर्यटन का ग्रीन कॉरिडोर बनेगा दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर

0
IMG-20260414-WA0085

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण कर दिया है। इसके साथ ही उत्तराखंड के लिए रोजगार और पर्यटन का ग्रीन कॉरिडोर शुरू हो गया है। अब दिल्ली- देहरादून का सफ़र महज़ ढाई घंटे का में पूरा हो जाएगा इसके साथ ही चारधाम यात्रा, कॉर्बेट एवं राजाजी नेशनल पार्क, मसूरी, टिहरी और उत्तराखंड के विभिन्न पर्यटक स्थलों पर आने वाले सैलानियों की बड़ी संख्या में तादात बढ़ने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें:   *आईएसबीटी के कायाकल्प को मिलेगी रफ्तार, यात्री सुविधाओं से लेकर सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

 

यह कॉरिडोर केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला “ग्रीन कॉरिडोर” साबित होने जा रहा है। यह कॉरिडोर पहाड़ और मैदान के बीच दूरी को कम करते हुए किसानों, उद्यमियों और स्थानीय उत्पादकों को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।

 

अब हर्षिल के प्रसिद्ध सेब, जोशीमठ और चकराता की राजमा, पुरोला के लाल चावल, तथा रुद्रप्रयाग के बुरांश का जूस जैसे पारंपरिक और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज़ी से और कम लागत पर बड़े शहरों तक पहुँच सकेंगे। लॉजिस्टिक लागत में कमी आने से किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिरता आएगी।

ये भी पढ़ें:   परिजनों ने सोशल मीडिया पर लगाई गुहार, मुख्यमंत्री धामी ने लिया स्वतः संज्ञान

राज्य में कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और एग्री-लॉजिस्टिक्स जैसे सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा । इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। इस परियोजना से परिवहन क्षेत्र, कृषि आधारित उद्योग, छोटे और मध्यम उद्योगों को गति मिलेगी। इससे पलायन की समस्या को भी काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।

ये भी पढ़ें:   कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की छवि को आखिर क्यों खराब करना चाहते हैं बीजेपी नेता!

इसके अतिरिक्त, यह कॉरिडोर पर्यटन क्षेत्र के लिए भी बेहद फ़ायदेमंद सिद्ध होगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण देश-विदेश के पर्यटक आसानी से उत्तराखण्ड के दूरस्थ और प्राकृतिक स्थलों तक पहुँच सकेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और हस्तशिल्प को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed