18 August 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की

0
IMG-20251217-WA0082

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में “प्रशासन गाँव की ओर अभियान” के अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिनांक 17 दिसम्बर, 2025 से आगामी 45 दिनों तक प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों में चरणबद्ध रूप से बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर आमजन से आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएँ और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

ये भी पढ़ें:   परिजनों ने सोशल मीडिया पर लगाई गुहार, मुख्यमंत्री धामी ने लिया स्वतः संज्ञान

उन्होंने कहा कि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर कार्यक्रम का संचालन किया जाए तथा बड़ी न्याय पंचायतों में आवश्यकता अनुसार एक से अधिक शिविर आयोजित किए जाएँ। शिविरों में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की समुचित जानकारी दी जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि शिविरों के उपरान्त निकटवर्ती गांवों में अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर पात्र लाभार्थियों से आवेदन भरवाए जाएँ तथा योजनाओं से वंचित लोगों की पहचान कर कमियों को दूर किया जाए। शिविरों के आयोजन से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और न्याय पंचायत के सभी निवासियों को कम से कम 3–4 दिन पूर्व सूचित किया जाए।

ये भी पढ़ें:   कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की छवि को आखिर क्यों खराब करना चाहते हैं बीजेपी नेता!

उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक शिविर में जिलाधिकारी की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जबकि अन्य शिविरों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें। नामित विभागों के अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का मौके पर समाधान करें।

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों की शिविरों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। संगठनात्मक नेतृत्व और प्रतिनिधि नेतृत्व जनसमस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाए।

ये भी पढ़ें:   *आईएसबीटी के कायाकल्प को मिलेगी रफ्तार, यात्री सुविधाओं से लेकर सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यक्रम का विधिवत पंजीकरण किया जाए, लाभार्थियों की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यक्रमों की साप्ताहिक प्रगति आख्या मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराई जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed