कर्णप्रयाग बवाल के बाद उत्तराखंड बॉर्डर पर निहंग सिखों का हंगामा; रात 2:30 बजे मामला शांत।
देहरादून/कुल्हाल बॉर्डर:
चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हाल ही में हुई एक घटना के बाद उत्तराखंड में माहौल गरमाया हुआ है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब की तरफ से बड़ी संख्या में निहंग सिख उत्तराखंड की सीमा (कुल्हाल बॉर्डर) पर पहुंच गए और राज्य में घुसने की कोशिश करने लगे। इस दौरान बॉर्डर पर जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई।
बॉर्डर पर स्थिति को बिगड़ता देख उत्तराखंड पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने तुरंत कमान संभाली। सुबह से लेकर देर रात तक पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी निहंग सिखों को समझाने की कोशिश में जुटे रहे। पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के कारण निहंगों का जत्था आगे नहीं बढ़ सका। आखिरकार, आधी रात के बाद करीब 2:30 बजे प्रशासनिक सूझबूझ और लंबी बातचीत के बाद निहंगों को समझा-बुझाकर वापस हिमाचल की ओर भेज दिया गया।
क्या है पूरा विवाद? (बैकग्राउंड स्टोरी)
उत्तराखंड में निहंग सिखों को लेकर तनाव की शुरुआत कुछ दिन पहले रुद्रप्रयाग और कर्णप्रयाग में हुए विवादों से हुई थी:
- कर्णप्रयाग का बवाल: कर्णप्रयाग में निहंग सिख और स्थानीय लोगों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई थी, जिसने देखते ही देखते बड़े बवाल का रूप ले लिया। इस घटना के बाद स्थानीय जनता में काफी आक्रोश
