SIR अभियान को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने साधा विपक्ष पर निशाना
देहरादून:
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर सियासत गरमा गई है। वोटर लिस्ट में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान करीब 19 लाख मतदाताओं के फॉर्म में त्रुटियां सामने आने और चुनाव आयोग द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी दलों ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि पुनरीक्षण के नाम पर आम मतदाताओं को बेवजह परेशान किया जा रहा है। विपक्षी नेताओं ने आशंका जताई है कि इस कवायद की आड़ में उनके कैडर और वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कट सकते हैं।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि SIR अभियान पूरी तरह से एक पारदर्शी और रूटीन संवैधानिक प्रक्रिया है।
‘फर्जी और बाहरी नामों को हटाकर सूची शुद्ध करना मकसद’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “SIR अभियान का एकमात्र उद्देश्य फर्जी मतदाताओं, अपात्र लोगों और बाहरी घुसपैठियों के नाम हटाकर वोटर लिस्ट को पूरी तरह शुद्ध बनाना है। यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर कराई जाने वाली सामान्य कवायद है।”
विपक्ष पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि जो लोग सालों तक जनता को भ्रमित करते रहे हैं, अब उनका झूठा नैरेटिव काम नहीं कर रहा है। इसी बौखलाहट में वे बेवजह जनता के बीच डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल 19 लाख नोटिसों के मामले में चुनाव आयोग की कार्रवाई जारी है, लेकिन इस प्रशासनिक प्रक्रिया ने राज्य में एक बड़ा सियासी रूप अख्तियार कर लिया है।
