13 October 2026

उत्तराखंड कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: प्रदेश को ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित करने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

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देहरादून।

 

उत्तराखंड के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है। इस फैसले के बाद उत्तराखंड अब देश के उन चुनिंदा राज्यों की अग्रिम पंक्ति में आकर खड़ा हो गया है, जहाँ साक्षरता दर 98 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। यानी अब उत्तराखंड देश का वह राज्य बनने जा रहा है, जहाँ हर व्यक्ति पढ़ा-लिखा माना जाएगा।

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कैबिनेट बैठक का मुख्य एजेंडा

आज की कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा उत्तराखंड को ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे कैबिनेट ने बिना किसी औपचारिकता के तुरंत मंजूरी दे दी। उत्तराखंड ने केंद्र सरकार के ‘उल्लास’ (ULLAS) कार्यक्रम के तहत निर्धारित सभी कड़े मानकों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। नियम के अनुसार, जब किसी राज्य की वयस्क साक्षरता दर 95% को पार कर जाती है, तो उसे पूर्ण साक्षर घोषित किया जा सकता है, और उत्तराखंड ने 98% का जादुई आँकड़ा छूकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

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देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बनेगा उत्तराखंड

इस ऐतिहासिक कैबिनेट प्रस्ताव के पास होने के बाद अब इसे अंतिम मुहर के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके साथ ही उत्तराखंड देश का छठा ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जिसे ‘पूर्ण साक्षर’ का गौरवशाली दर्जा प्राप्त होगा। इससे पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे राज्य ही इस मुकाम तक पहुँच पाए हैं।

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