“जैसा भी सोचते हैं वैसा ही होता है”- डॉ मुकुल शर्मा
“जैसा भी सोचते हैं वैसा ही होता है”
उपरोक्त ज्वलंत और आज की जरूरत विषय पर डी ए बी पब्लिक स्कूल डिफेंस कॉलोनी देहरादून मैं एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया वर्कशॉप में पूरे जीवन में लर्निंग प्रोसेस और उसके बाद लगातार इस लर्निंग प्रोसेस को समाज में आसपास देखकर सबकॉन्शसनेस ने रिलर्न किया जो की सभी कुछ ठीक नहीं था और एक नेगेटिव श्रृंखला इसके रूप में हमारे सबकॉन्शियस में बन गई जिसकेपरिणाम बहुत अच्छे नहीं मिले इसी विषय पर लगातार चर्चा करते हुए सांख्य योग फाउंडेशन के फाउंडर प्रेसिडेंट और प्रख्यात मनोवैज्ञानिक डॉक्टर मुकुल शर्मा ने संस्थान के समस्त बुद्धिजीवी प्रबुद्ध जन और अध्यापकों को यह जानकारी दी कि जैसा भी आप अपने सबकॉन्शियस माइंड में इंस्टॉल करते हैं वैसा ही आपका जीवन बनता है जीवन को बेहतर और पॉजिटिव बनाने की प्रेरणा देते हुए डॉक्टर मुकुल शर्मा ने बताया कि हमें अपनेमस्तिष्क मैं नेगेटिव पैकेज को डिलीट कर देना चाहिए और उसे स्थान पर पॉजिटिव और जो भी व्यक्ति चाहता है उसको इंस्टॉल करना चाहिए इसी श्रृंखला में आगे बताते हुए डॉक्टर शर्मा ने बताया कि बहुत सारा सिलेबस जो हमारे जीवन में चल रहा है वह संभवत आउट ऑफ सिलेबस हो चुका है इस विषय पर हर व्यक्ति को सोचने की और विचार करने की और अवलोकन करने की आवश्यकता है जिससे उनका जीवन सकारात्मक और समस्त जीवन की रंगों से परिपूर्ण हो सके
कार्यशाला में समस्त अध्यापकगण और प्रबुद्ध जन के साथ-साथ मैनेजमेंट तथा संस्थान की प्रधानाध्यापिका श्रीमती शालिनी जी तथा कोऑर्डिनेटर भारती जी भी उपस्थित रही और कार्यशाला को अप्रिशिएट किया गया
