17 August 2026

सरकारी विभाग पर ही भारी पड़ा वन कानून: चिलियानौला में सिंचाई विभाग पर केस दर्ज

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उत्तराखंड: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, रिजर्व फॉरेस्ट में सड़क काटने पर सिंचाई विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज

अल्मोड़ा/रानीखेत: सरकारी विभागों के बीच नियमों को लेकर अक्सर खींचतान देखने को मिलती है, लेकिन रानीखेत के चिलियानौला में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ वन विभाग ने किसी भू-माफिया या निजी व्यक्ति के बजाय खुद एक सरकारी महकमे यानी सिंचाई विभाग पर मुकदमा दर्ज कर दिया है।

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क्या है पूरा मामला?

चिलियानौला नगर क्षेत्र के पास हैड़ाखान-दाड़िमी रोड पर सिंचाई विभाग का कार्यालय स्थित है। आरोप है कि विभाग ने कार्यालय तक गाड़ियों की पहुंच बनाने के लिए बिना अनुमति के लगभग 37 मीटर लंबी कच्ची सड़क रिजर्व फॉरेस्ट की भूमि पर काट दी। शुक्रवार को जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो वन क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया।

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कार्रवाई और जुर्माना:

वन विभाग की जांच में पुष्टि हुई कि यह सड़क निर्माण सिंचाई विभाग द्वारा भारी मशीनों से कराया जा रहा था। इसे वन अधिनियम का खुला उल्लंघन मानते हुए विभाग ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है और करीब 20 हजार रुपये का जुर्माना भी प्रस्तावित किया है।

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सिंचाई विभाग की दलील:

वहीं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ऋषिराज चक्रपाणी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कार्यालय तक सड़क न होने के कारण वाहनों को बाहर खड़ा करना पड़ता है, जहाँ अराजक तत्व तोड़फोड़ करते हैं। सुरक्षा कारणों से यह रास्ता बनाया गया था और इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी।

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