30 April 2026

छात्रसंघ चुनाव में ABVP बड़ी जीत की ओर अग्रसर, तो GEN-Z को धामी पसंद है!

0
IMG-20250927-WA0011

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर विपक्ष व कतिपय संगठनों ने लगातार सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। इस बात को उछाला गया कि प्रदेश का युवा वर्ग सरकार से नाराज है और उसके खिलाफ सड़क पर उतर चुका है। लेकिन प्रदेश के 100 से अधिक महाविद्यालयों में हुए छात्रसंघ चुनावों के नतीजे इस धारणा से बिल्कुल उलट तस्वीर पेश करते हैं।

 

ABVP भाजपा का आनुषंगिक संगठन है, और संगठनात्मक दृष्टि से भाजपा की जड़ें विश्वविद्यालय और कॉलेज कैंपसों तक फैली हुई हैं। ऐसे में यूकेएसएसएससी के पेपर प्रकरण सामने आने के बाद यह बात उठने लगी कि इस बार चुनाव में युवा अपनी वोट की ताकत से भाजपा एवं उसके अनुषांगिक संगठन को जवाब देगी और इन चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को हार का रास्ता दिखाएगी। लेकिन छात्रसंघ चुनाव में मिली भारी जीत यह पुख्ता करती है कि छात्रों के बीच भाजपा और उसकी सरकार को लेकर कोई व्यापक नाराजगी नहीं है।

ये भी पढ़ें:   आस्था के केंद्र में 'अपनों' पर मेहरबानी, उपाध्यक्ष ने पत्नी को ही बना डाला अपना चपरासी!

 

 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को मिल रही बड़ी और ऐतिहासिक जीत ने स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश के कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र, खासकर GenZ, भाजपा की विचारधारा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों पर भरोसा रखते हैं। चुनाव परिणाम यह भी बताते हैं कि छात्रों के बीच सरकार के प्रति विश्वास की स्थिति विपक्ष के आरोपों से कहीं अलग है।

ये भी पढ़ें:   आस्था के केंद्र में 'अपनों' पर मेहरबानी, उपाध्यक्ष ने पत्नी को ही बना डाला अपना चपरासी!

 

सीएम धामी के नेतृत्व में सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और नकल पर कठोर नियंत्रण के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। नकल विरोधी कानून, भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी निगरानी और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे फैसले युवाओं को यह संदेश देने में सफल रहे हैं कि सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है और समाधान के लिए सख्त कदम उठाने को तैयार है।

ये भी पढ़ें:   आस्था के केंद्र में 'अपनों' पर मेहरबानी, उपाध्यक्ष ने पत्नी को ही बना डाला अपना चपरासी!

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ABVP की यह जीत केवल संगठनात्मक शक्ति या चुनावी रणनीति का परिणाम नहीं है, बल्कि यह युवाओं के उस भरोसे का प्रतीक है जो उन्हें सरकार की नीतियों और कामकाज पर है। विपक्ष ने भले ही छात्रों को आंदोलनों के माध्यम से सरकार को घेरने की कोशिश की हो, लेकिन छात्रसंघ चुनावों के नतीजे इस बात का संकेत हैं कि युवाओं ने सरकार की नीयत और नीतियों को ज्यादा महत्व दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

WordPress GPL Venus | News Magazine Blog WordPress Verbalizer – Language Courses & Learning Center Elementor Template Kit Verdantia – Landscaping and Garden WordPress Theme Verina – Mental Health Elementor Template Kit Verra – Skincare & Dermatology Elementor Template Kit Versaille – Personal Blog WordPress Theme Versatile – Responsive Multi-Purpose WordPress Versilo - VPN Service & Proxy Security Elementor Template Kit Verta – Multi-Concept WordPress Theme for Modern Publishers Vertical Royal 3D Coverflow WordPress & WooCommerce Plugin