प्रदेश सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जारी की SOP
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पर्यटन सीजन और आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सरकार ने बताया कि वर्तमान में राज्य में शीतकालीन पर्यटन और आने वाले महीनों में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान व्यावसायिक एलपीजी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में गैस की कमी से पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार राज्य स्तर पर व्यवस्था तय की गई है।
किन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता

जारी SOP के अनुसार व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का वितरण विभिन्न क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से:
फार्मास्यूटिकल और लाइफ सेविंग ड्रग्स
होटल और रिसॉर्ट
रेस्टोरेंट और ढाबे
सरकारी और सरकारी नियंत्रण वाले गेस्ट हाउस
डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां
औद्योगिक कैंटीन
पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्रावास
होम-स्टे और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिष्ठान
इन सभी श्रेणियों के लिए कुल 2650 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की मांग निर्धारित की गई है और उसी के अनुसार आवंटन किया जाएगा।
जिलों के अनुसार आवंटन
सरकार ने जिलों के अनुसार भी वितरण प्रतिशत तय किया है।
देहरादून – 31%
हरिद्वार – 13%
नैनीताल – 13%
उधम सिंह नगर – 9%
चमोली – 6%
रुद्रप्रयाग – 5%
टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा – 4-4%
पिथौरागढ़ – 3%
बागेश्वर और चंपावत – 2-2%
तेल कंपनियां करेंगी आपूर्ति
आदेश में कहा गया है कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस कंपनियां आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल अपने बाजार हिस्सेदारी के अनुसार इन सिलेंडरों की आपूर्ति करेंगी। जिलाधिकारियों को भी इस व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायों को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी
