उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं को राहत: इस साल नहीं बढ़ेगा टैरिफ, आयोग का बड़ा फैसला
प्रदेशवासियों के लिए राहत भरी खबर है। इस वर्ष उत्तराखंड में बिजली महंगी नहीं होगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों (टैरिफ) में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी से साफ इनकार कर दिया है।
आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य (विधि) अनुराग शर्मा और सदस्य (तकनीकी) प्रभात किशोर डिमरी ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी देते हुए कहा कि आम उपभोक्ताओं को इस साल महंगाई का अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
18.50% बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज
बता दें कि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड ने मिलकर आयोग के सामने 18.50% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था।
हालांकि, आयोग ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए बिजली दरों को यथावत रखने का फैसला लिया।
उपभोक्ताओं को मिलेगी छूट
आयोग ने कुछ उपभोक्ता श्रेणियों में बदलाव करते हुए राहत भी दी है:
प्रीपेड मीटर उपभोक्ता: ऊर्जा प्रभार में 4% की छूट
अन्य उपभोक्ता: ऊर्जा प्रभार में 3% की छूट
यह फैसला उपभोक्ताओं को बिजली बिल में सीधी राहत देगा।
घाटे वाले फीडरों पर सख्ती
आयोग ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को निर्देश दिए हैं कि राज्य के 10 सबसे ज्यादा नुकसान वाले (लॉस मेकिंग) फीडरों की पहचान के लिए एक समिति गठित की जाए।
इस कदम का उद्देश्य बिजली वितरण में हो रहे नुकसान को कम करना और सिस्टम को अधिक कुशल बनाना है।
आम जनता के लिए बड़ी राहत
बिजली दरों में बढ़ोतरी न होने और छूट मिलने से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। ऐसे समय में जब महंगाई बढ़ रही है, यह फैसला आम लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
