पीएम मोदी ने नहीं किया सैन्य धाम का लोकार्पण, आखिर क्या रही वजह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड स्थापना दिवस के अवसर पर पहुंचे जहां पर उन्होंने सरकारी आंकड़ों के अनुसार डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को FRI में लगे विशाल पंडाल से संबोधित किया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज कई सारे कार्यक्रम थे जिसमें से एक कार्यक्रम था खुद पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट सैन्य धाम का लोकार्पण करना। पिछले लंबे समय से यह कयास लगाए जा रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब उत्तराखंड आएंगे तो वह सैन्य धाम का लोकार्पण भी करेंगे।
वही जैसे ही यह बात सामने आई तो उसके बाद सैन्य धाम में भ्रष्टाचारों के आरोप लगने भी तेज हो गए। और इसी बीच यह सवाल भी खड़ा होने लगा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन आरोपों के बीच में सैन्य धाम का लोकार्पण करेंगे! लेकिन अब यह साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान का लोकार्पण नहीं किया।
उत्तराखंड के सैन्य धाम का लोकार्पण नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले इस परियोजना के लोकार्पण को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, प्रधानमंत्री के देहरादून दौरे के दौरान इसका उद्घाटन नहीं हुआ।
भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग
आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता विकेश नेगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सैन्य धाम के निर्माण में वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। नेगी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि लोकार्पण से पहले इस परियोजना की सीबीआई जांच कराई जाए।
सैन्य धाम का उद्देश्य
सैन्य धाम का उद्देश्य राज्य के वीर सैनिकों के सम्मान में एक स्मारक के रूप में विकसित करना है। यह परियोजना 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित की गई थी और 2022 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका शिलान्यास किया था।
सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं
फिलहाल सरकार की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच की मांग और आरोपों को देखते हुए इस पर निर्णय आगे लिया जाएगा।
