मुख्यमंत्री द्वारा राजस्व लोक अदालत का शुभारम्भ,‘न्याय आपके द्वार’ अभियान को मिली नई मजबूती
देहरादून।
पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में न्याय व्यवस्था को अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘राजस्व लोक अदालत’ का शुभारम्भ किया। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता को समयबद्ध और पारदर्शी न्याय उपलब्ध कराना है। ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान के तहत शुरू की गई यह पहल वर्षों से लंबित राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण में मील का पत्थर साबित होगी।
50 हजार से अधिक लंबित मामलों के समाधान पर फोकस
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में 400 से अधिक राजस्व न्यायालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 50 हजार से अधिक मामले लंबित हैं। इन मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए सरकार ने ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि’ के मूल मंत्र के साथ राजस्व लोक अदालत की शुरुआत की है।
प्रदेश के सभी 13 जनपदों में 210 स्थानों पर एक साथ लोक अदालतें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें करीब 6,933 मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।
कई प्रकार के मामलों का होगा समाधान
राजस्व लोक अदालत में केवल भूमि विवाद ही नहीं, बल्कि निम्न मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा:
आबकारी से जुड़े मामले
खाद्य एवं स्टाम्प संबंधी विवाद
सरफेसी एक्ट
गुंडा एक्ट एवं सीआरपीसी
विद्युत अधिनियम
वरिष्ठ नागरिक अधिनियम
रेंट कंट्रोल एक्ट
अब घर बैठे दर्ज होंगे भूमि विवाद
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने न्यायिक प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ‘Revenue Court Case Management System’ पोर्टल विकसित किया है। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपने मामले दर्ज कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।
अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
अविवादित विरासत मामलों में समयसीमा के भीतर नामांतरण सुनिश्चित किया जाए
मृत्यु के बाद तेहरवीं तक नामांतरण प्रक्रिया पूरी कर नई खतौनी उपलब्ध कराई जाए
भूमि पैमाइश और कब्जे से जुड़े मामलों को एक माह के भीतर निस्तारित किया जाए
‘डिजिटल इंडिया’ और सुशासन की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र को आगे बढ़ाने वाली है। साथ ही, ‘Minimum Government, Maximum Governance’ के विजन के तहत प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व वादों के लंबित मामलों का युद्ध स्तर पर निस्तारण किया जाए और अगले एक माह में प्राथमिकता के आधार पर सभी प्रकरणों का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
