कांग्रेस ने उत्तराखंड के लिए ‘राजनीतिक मामलों की समिति’ का किया गठन; गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, हरीश रावत समेत 23 वरिष्ठ नेता शामिल
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने उत्तराखंड में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कांग्रेस आलाकमान ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Uttarakhand Pradesh Congress Committee) के लिए ‘राजनीतिक मामलों की समिति’ (Political Affairs Committee) के गठन को मंजूरी दे दी है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, माननीय कांग्रेस अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से लागू करने की स्वीकृति दी है।
समिति में दिग्गजों को मिली जगह
इस 23 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति में उत्तराखंड कांग्रेस के तमाम बड़े चेहरों और पूर्व दिग्गजों को एक साथ लाया गया है। समिति में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
कुमारी शैलजा
गणेश गोदियाल (प्रदेश अध्यक्ष)
यशपाल आर्य (नेता प्रतिपक्ष / पूर्व विधानसभा अध्यक्ष)
हरीश रावत (पूर्व मुख्यमंत्री)
प्रीतम सिंह (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष)
करन माहरा (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष)
डॉ. हरक सिंह रावत (पूर्व मंत्री)
गोविंद सिंह कुंजवाल (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष)
इसके अलावा समिति में काजी निजामुद्दीन, गुरदीप सिंह सप्पल, मनोज यादव, भुवन कापड़ी, प्रदीप टम्टा और ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को जगह दी गई है।
पदेन सदस्य (Ex-Officio Members)
समिति के निर्णयों को जमीनी स्तर तक ले जाने और युवाओं व विभिन्न विंग्स का तालमेल बिठाने के लिए राज्य के सभी फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों को इस समिति में पदेन सदस्य (Ex-Officio Members) के रूप में शामिल किया गया है।
राजनीतिक मायने
जानकारों के मुताबिक, इस समिति के गठन का मुख्य उद्देश्य राज्य में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को समाप्त करना और सभी वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाकर एकजुटता का संदेश देना है। आगामी चुनावों और राज्य सरकार के खिलाफ रणनीतियों को धार देने में यह समिति सबसे अहम भूमिका निभाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गया है।

