उत्तराखंड में हाई अलर्ट: बदरीनाथ-केदारनाथ धाम और सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी, खालिस्तानी कनेक्शन की आशंका
देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों—बदरीनाथ और केदारनाथ धाम—समेत राज्य के सभी पुलिस थानों और सरकारी निकायों को बम से उड़ाने की एक सनसनीखेज धमकी मिली है। इस धमकी के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया विभाग (Intelligence Bureau) अलर्ट मोड पर आ गए हैं। पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ई-मेल और सोशल मीडिया के जरिए मिली धमकी
जानकारी के मुताबिक, यह धमकी दो अलग-अलग माध्यमों से दी गई है:
धमकी भरा ई-मेल: हरिद्वार नगर निगम और मसूरी नगर पालिका की आधिकारिक वेबसाइट पर एक धमकी भरा ई-मेल भेजा गया। इस मेल में हरिद्वार नगर निगम के साथ-साथ ऋषिकेश, केदारनाथ ज्योतिर्लिंग और बदरीनाथ धाम को बम से उड़ाने की बात कही गई है। मेल भेजने वाले ने खुद को कथित तौर पर खालिस्तान से जुड़ा बताया है और इसमें ‘बदले’ की बात लिखी है।
सोशल मीडिया पोस्ट: इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (इंस्टाग्राम) पर एक पोस्ट डालकर उत्तराखंड पुलिस को खुला चैलेंज दिया गया। इस पोस्ट में लिखा गया— “मैं उत्तराखंड पुलिस को चैलेंज करता हूं, जितने उत्तराखंड में थाने हैं, उनमें 25 जून 2026 को धमाका होगा।” बाद में इस पोस्ट को एक्स (ट्विटर) और फेसबुक पर भी शेयर किया गया।
हरियाणा से जुड़े तार, आरोपी की पहचान हुई
धमकी भरी सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। शुरुआती जांच और साइबर सेल की मदद से पोस्ट करने वाले अकाउंट को ट्रैक किया गया है। आरोपी की पहचान जसप्रीत सिंह (पुत्र जोगिंदर सिंह) के रूप में हुई है, जो अंबाला सिटी, हरियाणा का रहने वाला है। पुलिस को शक है कि इस साजिश में उसके साथ कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
पुलिस और प्रशासन का एक्शन
हरिद्वार के नगर आयुक्त नंदन कुमार ने ई-मेल मिलते ही तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मसूरी नगर पालिका परिसर को खाली कराकर बम स्क्वाड से जांच कराई गई।
उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक रवि प्रसाद कवि की शिकायत पर नगर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(3), 353, 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66F (साइबर आतंकवाद) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कहा: “धमकी भरे पोस्ट को वेरिफाई किया जा रहा है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खुफिया विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। आम जनता से अपील है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों या भ्रामक जानकारियों पर ध्यान न दें और न ही पैनिक (दहशत) में आएं।”
