2 June 2026

बदमाशों के हौसले बुलंद, अब DRDO वैज्ञानिक पर जानलेवा हमला

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देहरादून।

दून की शांत आबोहवा को अब बाहरी तत्वों और दबंगों की नजर लग गई है। अभी लोग जोहड़ी क्षेत्र में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की जघन्य हत्या के सदमे से उभरे भी नहीं थे कि अब शहर के पॉश इलाके ATS कॉलोनी से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक दबंग बिल्डर ने सुरक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के एक वैज्ञानिक पर सिर्फ इसलिए हमला कर दिया क्योंकि उन्होंने गलत निर्माण का विरोध किया था।

​क्या है पूरा मामला?

​ATS कॉलोनी में रहने वाले बिल्डर पुनीत अग्रवाल के घर पर निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान निर्माण का मलबा पास में रहने वाले डीआरडीओ वैज्ञानिक के घर में गिर रहा था। जब वैज्ञानिक ने शिष्टाचार के नाते पुनीत को मलबा गिरने से टोकना चाहा, तो दबंग बिल्डर आगबबूला हो गया।

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​आरोप है कि पुनीत अग्रवाल ने आव देखा न ताव और वैज्ञानिक के साथ बुरी तरह मारपीट शुरू कर दी। हमला इतना जोरदार था कि वैज्ञानिक के कान का पर्दा फट गया है। चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल सर्जरी की सलाह दी है।

​पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

​इस घटना के बाद कॉलोनी के निवासियों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर थाने पर प्रदर्शन किया और आरोपी बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि, आरोप लग रहे हैं कि पुलिस ने रसूख के दबाव में आकर आरोपी के खिलाफ बेहद मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर ली है।

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​उठते गंभीर सवाल:

  • ​क्या राजधानी में अब पढ़े-लिखे और प्रतिष्ठित नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं?
  • ​क्या खाकी का इकबाल खत्म हो चुका है जो दबंग सरेआम कानून हाथ में ले रहे हैं?
  • ​महज ‘इतिश्री’ करने वाली कार्रवाई से क्या अपराधियों के हौसले नहीं बढ़ेंगे?

​रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या के बाद अब एक वैज्ञानिक पर हुआ यह हमला साफ संकेत दे रहा है कि शहर के “जिम्मेदारों” को आम आदमी की जान और सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। अगर रसूखदारों को इसी तरह ढील मिलती रही, तो दून की शांति पूरी तरह काफूर हो जाएगी।

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