15 April 2026

CAA के नए कानून के तहत उत्तराखंड में 159 लोगों को भारत की नागरिकता

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देहरादून

मोदी सरकार के सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट 2019 (CAA )के तहत उत्तराखंड में रहने वाले 159 हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने जा रही है।

भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार ने ऐसे हिंदू लोगो की गहनता से जांच पड़ताल करने के बाद उन्हें हिंदुस्तान की नागरिकता देने का निर्णय लिया है।

मोदी सरकार ने संसद में CAA यानि नागरिक संशोधन अधिनियम 1955 में सुधार करते हुए 2019 में बिल पास किया था जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दी थी, उस समय संसद में विपक्ष के भारी शोरगुल के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने उक्त एक्ट में संशोधन की जरूरत को सामने रखा था।

इस संशोधन में 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने आए हिंदुओं को भारत की नागरिकता देने का फैसला मोदी सरकार ने लिया था। उस दौरान विपक्ष और वामपंथी संगठनों ने इसका भारी विरोध किया था और सड़कों पर आंदोलन भी किए थे।

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हिंदुस्तान में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश अथवा किसी भी अन्य देश से आने वाले हिंदू,सिख,जैन,बौद्ध , पारसी, ईसाई लोगों को भारत की नागरिकता दिए जाने की सूची में रखा गया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने उस वक्त सदन में ये कहा था कि इन छ समुदाय के लोग,अफगानिस्तान बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से परेशान होकर भारत आए है उन्हें यहां नागरिकता मिलेगी क्योंकि ये पड़ोसी देश कभी भारत का ही हिस्सा रहे थे।

इस नागरिक कानून के बन जाने के बाद भारत में अभी तक करीब 4 सौ लोगों को नागरिकता दी गई है।

उत्तराखंड में गृह विभाग की गहन जांच के बाद पाकिस्तान से आए 153 और अफगानिस्तान से आए 06 लोगों को यानि कुल 159 लोगों के भारत की नागरिकता का आवेदन भारत सरकार ने स्वीकार किया है।

 

CAA के तहत अधीक्षक डाक (Superintendent of Post) के अधीन जिला स्तरीय समिति अनुशंसा करती है।

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निदेशक जनगणना (Director Census) के अधीन राज्य स्तरीय समिति अनुमोदन करती है। मैदानी जांच खुफिया ब्यूरो (Intelligence Bureau) द्वारा की जाती है।

एफआरआरओ (FRRO), रेलवे और एनआईसी (NIC) अपने-अपने प्रतिनिधि भेजते हैं। राज्य सरकार का भी एक प्रतिनिधि इसमें शामिल होता है।

जानकारी के मुताबिक इनमें ज्यादातर हिन्दू लोग पाकिस्तान के सिंध, बलूचिस्तान से है। इन लोगों के रिश्तेदार देहरादून ऋषिकेश हरिद्वार और उधम सिंह नगर क्षेत्र में रहते है इस वजह से इन्हें यहां आश्रय मिला था।

 

ऐसी भी जानकारी मिली है कि अखंड भारत के शक्तिपीठों में से एक माता हिंगलाज मंदिर के पुजारी परिवार ने भी भारत में शरण ली हुई थी उन्हें भी भारत सरकार ने नागरिकता दी है।

 सीमा जागरण मंच ने की मदद

जानकारी के मुताबिक सीमा जागरण मंच द्वारा ऐसे नागरिकों की खोज करके उनसे संवाद स्थापित कर उनके आवेदन पत्र भरवाए गए और उन्हें गृह विभाग में दर्ज करवाया गया, जिसकी बाद में गृह विभाग की जांच एजेंसियों ने जांच पड़ताल की ।

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क्या कहते है सीएम धामी

मोदी सरकार ने CAA में संशोधन करके भारत में शरण लेने वाले हिंदू परिवारों की परेशानियों को दूर किया है, इसके लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के हम आभारी है जिन्होंने ऐसे नागरिकों की चिंता की जो कि सालों से भारत में नागरिकता के लिए भटक रहे थे। उन्होंने कहा कि शुरू में विपक्ष ने इस संशोधन पर भ्रम फैलाने की कोशिश की उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए।

 

अमित शाह की सभा में होगा सम्मान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 मार्च को उत्तराखंड दौरे पर रहने वाले है, हरिद्वार में उनके कार्यक्रम में भारत की नागरिकता प्राप्त करने वालों का सम्मान किया जाएगा। इसके पात्र नागरिकों के साथ जनसंपर्क किया जा रहा है।

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