13 October 2026

अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना को लेकर सरकार हमेशा रही गंभीर, लिए कई महत्वपूर्ण फैसले

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१-जब अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना की जानकारी मिली सरकार ने तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में SIT का गठन किया था।

२-जो भी अभियुक्त थे उनको गिरफ्तार किया गया।प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई और पैरवी का ही नतीजा रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान उनको जमानत नहीं मिली।

३-विवेचना के दौरान माo उच्च न्यायालय में प्रकरण की सीबीआई जांच कराने के लिए याचिक भी दायर की गई।

४-नैनीताल हाईकोर्ट ने अंकिता भंडारी मर्डर केस (Ankita Bhandari Murder Case) की जांच सीबीआई (CBI) से कराने वाली याचिका को को खारिज कर दिया। कोर्ट ने एसआईटी (SIT) की जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह सही ढंग से अपना काम कर रही है। ऐसे में सीबीआई जांच कराने की कोई जरूरत नहीं है।

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६-प्रकरण माo उच्चतम न्यायालय भी गया।माo न्यायालय में विवेचना से संतुष्टि जताई और याचिका खारिज हो गई।

७-SIT जांच में अभियुक्तों के ख़िलाफ़ चार्ज शीट दाखिल की गई और निचली अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

८-अभी जो ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया में घूम रही है उसमें अलग-अलग FIR भी दर्ज की गई हैं,जिसमें जांच जारी है।जाँच में यदि कुछ तथ्य आयेंगे तो हम लोग उस पर प्रभावी कार्यवाही करेंगे।

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९. यदि किसी व्यक्ति के पास कोई साक्ष्य था, तो विवेचना के दौरान उसे एसआईटी को उपलब्ध कराया जा सकता था। यही एक जिम्मेदार नागरिक का दायित्व भी होता है। तत्समय पुलिस स्तर से सार्वजनिक रूप से यह अपील भी की गई थी कि वीआईपी के संदर्भ में अथवा किसी अन्य प्रकार का कोई साक्ष्य या जानकारी यदि किसी के पास उपलब्ध हो, तो वह उसे साझा कर सकता है।

 

हालिया ऑडियो क्लिप से संबंधित घटनाक्रम के संबंध में कई मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनकी विधिवत विवेचना की जा रही है। यदि किसी के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी या साक्ष्य है, तो वह उसे जांच एजेंसियों के साथ साझा कर सकता है।

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यह प्रकरण अत्यंत गंभीर है और इसकी गहनता से जांच की जा रही है। राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं पूर्ण जांच हो तथा किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी न की जाए। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जांच में कोई भी कसर न छोड़ी जाए और जो भी तथ्य सामने आएँ, उनके आधार पर सख्त एवं उचित कार्रवाई की जाए।

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